मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्यसमिति की पहली बैठक ऐतिहासिक नगरी ओरछा में भगवान राम के दरबार में आयोजित की जाएगी
जानकारी के अनुसार रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अज्ञात बदमाशों ने मुख्य गेट के पास मटकी, लाल कपड़ा और कुंकू के निशान रखकर तंत्र क्रिया जैसी स्थिति बनाई। साथ ही दीवार पर “तुम सब मरोगे” लिख दिया।
बिजली विभाग की लापरवाही ने किसानों की जेब पर सीधा वार किया है। नाचनखेड़ा गांव के किसानों ने विभाग पर गलत बिजली बिल थमाने का गंभीर आरोप लगाया है।
श्री पटवारी ने कहा कि परिसीमन जातिगत जनगणना के बाद 2023 में पास हो गया था तो फिर नए शिरे से यह तूफान क्यों मचाया गया। देश का कर्ज लेकर पैसा क्यों व्यय किया गया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तिलिस्म टूट चुका है।
जीतू पटवारी ने कहा कि ओबीसी के साथियों सरकार ने आप लोगों के साथ कितना बड़ा धोखा किया है। इन्हें समय पर सबक सिखाना है।
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत यातायात पुलिस शिवपुरी द्वारा वाहन चेकिंग लगाकर लगभग 500 वाहनों को चेक किया एवं हेलमेट लगाने की समझाइए दी।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के लिए आज का यह ऐतिहासिक दिन है। 150 साल के बाद मध्यप्रदेश की धरती पर कान्हा टाइगर अभयरण्य में एक बार फिर जंगली भैंसा रखे गए हैं। हमारी अपनी धरती पर हमारे गए मेहमान की शुभ आगमन है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हवा रातभर जहरीली रहती है और सुबह होते ही अचानक पूरी तरह साफ हो जाती है? या फिर AQI मॉनिटरिंग सिस्टम में ही कोई गंभीर तकनीकी गड़बड़ी है?
दीपक राठौर ने कहा कि इस पूरे मामले में केवल संचालकों पर ही नहीं, बल्कि संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होना चाहिए। राठौर ने सवाल उठाया कि खाद्य विभाग को इतनी बड़ी अवैध गतिविधि की भनक तक कैसे नहीं लगी।
स्वच्छता टीम के आगमन की आहट सुनते ही परिषद के अधिकारियों की रातों की नींद उड़ गई। आनन-फानन में भोपाल से डस्टबिन मंगवाए गए और रातों-रात शहर के प्रमुख चौराहों को डस्टबिन से पाट दिया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कम से कम गर्मी के इस मौसम में पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव देखने को मिल रहा है।
पलेरा में साधु-संत व समाज सेवियों द्वारा तहसीलदार को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन