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प्रभावित परिवारों को सहायता राशि देने के निर्देश, प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख व्यक्त किया, सहायता राशि स्वीकृत की।
प्रदेश में अधोसंरचना और उद्योगों के समन्वित विस्तार को मिलेगा सशक्त आधार।
सच्चा वादा, पक्का काम के संकल्प के साथ किसानों से किए वादे पूरे कर रही सरकार। गेहूं की 2625 रुपए प्रति क्विंटल खरीदी जारी। कृषि यंत्रीकरण, मिट्टी परीक्षण व कृषक प्रोन्नति योजना से किसानों को मिल रहा दोहरा लाभ
किसी भी समय, कहीं भी उतर सकता है मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर, स्लॉट बुकिंग एवं गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई की गयी। किसानों के लिये बड़ी राहत
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नक्षत्रों की गणना सिंहस्थ के हिसाब से देखा जाएगा। प्रत्येक 12 साल में बृहस्पति जब सिंह राशि में प्रवेश करता है। सूर्य ग्रहण कब होगा, चंद्र ग्रहण कब होगा। उसको अलग से कोई हिसाब लगाने की जरूरत नहीं। यह प्राचीन ज्ञान अपना विज्ञान आधारित वैदिक घड़ी की कल्पना और उसका साकार रूप देने का काम आज के युवा ने किया।
ऑफिस में ताला लगाकर छुट्टी पर गए BMO, व्यवस्था ठप, महिला डॉक्टरों ने लगाए गंभीर आरोप, बढ़ा विवाद। मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी, पहले भी हो चुकी हड़ताल, नहीं निकला समाधान।
चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने कहा कि दलबदल मामले में 90 दिन में फैसले की है समयसीमा। 720 दिनों में क्यों नहीं हुआ निराकरण।
मुचलका जमा करने के बाद जमानत पर रिहा होंगे कार्यकर्ता : जयपुर पुलिस
किसानों की आय वृद्धि का बड़ा जरिया हैं उद्यानिकी फसले। मध्यप्रदेश फूल-सब्जी की पैदावार में देश में तीसरे और फलोत्पादन में है चौथे स्थान पर। फूलों की खेती के लिए उज्जैन में खुलेगा सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं एवं फील्ड गतिविधियों की समीक्षा
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बताया आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 33.45 लाख से अधिक हितग्राहियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक पेंशन राशि का अंतरण। जरूरतमंदों को सम्मान और पारदर्शिता के साथ सहायता देना ही हमारा संकल्प।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने मांग की कि पूरी फसल खरीदी जाए, नहीं तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।
सात दिवसीय यात्रा से लौटने पर श्री अवस्थी का विद्यालय में प्राचार्य भार्गव एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने सम्मान किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की। अवस्थी ने बताया कि यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि तीन आयामों में विकसित एक सशक्त शिक्षण प्रक्रिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है। कई गांवों में नल-जल योजनाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या पानी देना बंद कर चुके हैं। महिलाएं और बच्चे रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं।