खरगौनः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जलूद महेश्वर जिला खरगोन में 60 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम के साथ की गई।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नगर निगम का कार्यक्रम है नगर निगम इंदौर में है। इंदौर का वर्तमान का सारा दौर इसकी आत्मा कहां बसती थी। मां अहिल्या महारानी के समय से खरगौन के इस महेश्वर मंडलेश्वर के इलाके में बसती है। अहिल्या माता का आशीर्वाद कैसा मिल रहा है। भगवान सवित्र सूर्य नारायण देवता के कारण से। यहां के सूर्य के प्रकाश को बदलकर प्लेट में बिजली बनाकर के यह बिजली का आशीर्वाद नगर निगम को दे रहा है। बदले में 3-4 करोड़ तो बताया जा रहा है। लेकिन यह बिजली का बिल जैस-जैसे बढ़ता जाएगा। आपका रेट तो फिक्स है। आने वाले समय में यह बड़ी सौगात है।

सम्राट विक्रमादित्य काल की वैदिक घड़ी का भी आज प्रधानमंत्री ने अवलोकन किया। विक्रमादित्य, अहिल्या माता, मध्यप्रदेश सरकार, भारत सरकार नवाचारों के माध्यम से आगे बढ़ने का जो संकल्प लिया है उसके लिए नए नए प्रतिमान गढ़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घड़ी तो सबके पास है। दुनिया घड़ी के हिसाब से चलती है। दुनिया की घड़ी तो केवल दो ग्रहों की गति से चलती है। सूर्य की परिक्रमा पृथ्वी करती है। जिसमें 365 दिन लगते हैं। लेकिन भारतीय समय की गणना के बलबूते पर पहले 8 महीने का साल बनाया फिर 10 महीने का बनाया। फिर 12 महीने का समय भारतीय मापदंड के हिसाब से बनाया। हमारे प्राचीन महीने वह 12 हमारे हिसाब से हमारी गिनती और आगे चलती है। उस गिनती का हिसाब केवल सूर्य की परिक्रमा से नहीं चलता है। यह भी हमारे खगोल वैज्ञानिकों ने आर्यभट्ट के जमाने से सिद्ध किया था। हरेक ग्रह जो सूर्य की परिक्रमा करता है उस सबका अलग समय है। सबसे नजदीक शुक्र है, उसको 365 दिन नहीं लगता उसे 245 दिन लगता है। और सबसे दूरी पर शनि महाराज है। पृथ्वी के समय अनुसार उसका 29.5 साल में उसका एक साल पूरा होता है।
नक्षत्रों की गणना सिंहस्थ के हिसाब से देखना पड़ेगा, प्रत्येक 12 साल में वृहस्तपति जब सिंह राशि में प्रवेश करता है। सूर्य ग्रहण कब होगा, चंद्र ग्रहण कब होगा। उसको अलग से कोई हिसाब लगाने की जरूरत नहीं। यह प्राचीन ज्ञान अपना विज्ञान आधारित वैदिक घड़ी की कल्पना और उसका साकार रूप देने का काम आज के युवा ने किया। नगर निगम में बिजली का खर्चा बढ़ रहा है। 300 करोड़ रुपए चाहिए, भारत सरकार ने वित्त मंत्रालय के माध्यम से यह स्कीम अनाउंस की। जिसके माध्यम से अपने इसी इंदौर के लिए यह पहली योजना है जिसमें 42 करोड़ भारत सरकार मदद करेगी।
जनता के लिए ग्रीन बॉड जारी किये हैं। एक-एक लाख के 10 बॉड कोई भी ले सकता है। एक लाख के ऊपर 8. कुछ प्रसेंट के आधार पर यह उसको अलग से प्रॉफिट चालू हो जाएगा।