भोपालः दुर्भाग्य से मध्यप्रदेश का गर्वनेंस कोलेप्स हुआ है। प्रदेश की वस्तु स्थिति इस तरह की है कि जो सबसे ज्यादा, सबसे ज्यादा जरूरी भरोसेमंद पीने का पानी होता है उसमें जहर मिलता है और 36 लोगों की मौत हो जाती है। जो दवाई जीवन बचाने वाली होती है कोसीरप उसमें 26 बच्चों की हत्या की जाती हैं।
बरगी डैम एनजीटी की आपत्ति के बाद जिस तरह की लापरवाही हुई और जिस तरह से मंत्री का बयान आया। मंत्री को पता ही नहीं है कि एनजीटी के निर्देश क्या हैं। वोट पर बैठने से पहले जीवन बचाने के लिए जरूरी चीजें होती है उनको न पहनाई गई थी और न उपलब्ध थी।
पर्यटन को लेकर लोगों का भरोसा है लेकिन उस पर भी 9 मौते हो गई और 5-6 लापता हैं। सवाल है कि अखबारों पन्ने रंगे रहते हैं सरकार की लापरवाही से हुई सामूहिक हत्याओं की। जबकि राजनीतिक जवाबदेही शून्य है। दुर्भाग्य तो तब है जब मां-बेटे की लाशें निकल रही थी मुख्यमंत्री और राज्यपाल उस वक्त राजभवन में राजस्थान का लोकनृत्य देख रहे थे।