श्री पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या यही “कृषि कल्याण वर्ष” की सच्चाई है, जहां पहले खरीदी में देरी की गई और अब स्लॉट बुकिंग में तकनीकी अड़चनें खड़ी कर किसानों को उनकी ही उपज बेचने से रोका जा रहा है।
श्री पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या यही “कृषि कल्याण वर्ष” की सच्चाई है, जहां पहले खरीदी में देरी की गई और अब स्लॉट बुकिंग में तकनीकी अड़चनें खड़ी कर किसानों को उनकी ही उपज बेचने से रोका जा रहा है।
इस अवसर पर श्री पटवारी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए रास्ते सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समानता पर चलने का संकल्प लें।
दिग्विजय सिंह से मुलाकात पर जीतू पटवारी ने कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार मार्गदर्शन लेते रहते हैं। राज्यसभा, संगठन और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई है।
जीतू पटवारी ने कहा कि मैं और मेरे पिताजी भी कृषि करते आये हैं। इसीलिए मैं कृषि की उन्नत तकनीक देखने विदिशा जा रहा था।
समर्थन मूल्य पर खरीद में 20 दिन की देरी बनी किसानों के लिए काल, समय पर भुगतान न मिलने से संकट गहराया। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने सीएम को पत्र लिख फसल ऋण चुकाने की समय-सीमा तत्काल बढ़ाने और दंडात्मक ब्याज माफ करने की मांग की।
पहले कफ सिरप से मौत, उसके बाद गंदे पानी से त्रासदी और अब NICU में चूहे। पटवारी ने कहा कि इन सभी घटनाओं में एक समान पैटर्न दिखाई देता है।
जीतू पटवारी ने कहा कि यूरिया और DAP की कमी सरकार की नाकामी है। जबकि वजन कम कर किसानों पर बोझ बढ़ाया गया है। पटवारी ने ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल पर लेन-देन हो रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 16 डिग्री के AC कमरे में बैठने वाले मुख्यमंत्री जी को 40 डिग्री की चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते किसान नज़र नहीं आते। लेकिन हम हर गाँव, हर मंडी जाकर किसानों की समस्याएं मोहन यादव जी को सुनाएँगे।
जीतू पटवारी किसानों के ट्रैक्टर पर चढ़े और किसानों से गेहूं के भाव की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। जिस पर पटवारी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री पटवारी ने कहा कि जब प्रदेश के उद्योगपति और मजदूर दोनों ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तब मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार किस विकास का जश्न मना रही है? यह सरकार जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटी हुई है और केवल प्रचार-प्रसार में लगी हुई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग देश की अर्थव्यवस्था को पहियों पर आगे बढ़ाते हैं, आज वही सबसे ज्यादा उपेक्षित और परेशान हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने खरगोन में टंट्या भील जी की प्रतिमा स्थापना में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि ₹10 लाख के बजट के बावजूद मात्र ₹60 हजार की फाइबर प्रतिमा स्थापित की गई थी, जो आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ था। कांग्रेस के विरोध के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई।
बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं और पैकेट का आकार घटाकर “कम मात्रा, अधिक कीमत” का मॉडल अपना रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश के कृषि मंत्री के अपने ही गृह राज्य में किसान एक अदद बोरे के लिए तरस रहे हैं! संसद में "जनसंपर्क अधिकारी" की तरह केंद्र सरकार की झूठी प्रशंसा कर राष्ट्रीय आलोचना का केंद्र बने केंद्रीय कृषि मंत्री अपने मूल दायित्व को भूल चुके हैं!
जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने कहा है कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि आम जनता द्वारा रोजाना उपयोग में लाए जाने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी उत्पाद ही सबसे अधिक मिलावटी पाए जा रहे हैं। यह स्थिति सीधे-सीधे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।