भोपाल, 13 मई 2026। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश आज दो गंभीर संकटों से जूझ रहा है — पहला, नीट परीक्षा में लगातार सामने आ रहे घोटाले और दूसरा, केन-बेतवा परियोजना के नाम पर आदिवासी परिवारों का विस्थापन एवं शोषण। उन्होंने कहा कि ये केवल राजनीतिक मुद्दे नहीं हैं, बल्कि देश के युवाओं, किसानों और आदिवासियों के भविष्य से जुड़े बेहद संवेदनशील विषय हैं।
श्री पटवारी ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट सहित कई बड़ी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और धांधली की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे मेहनती छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आए, लेकिन हर बार जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई नहीं पहुंच सकी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता लगातार कमजोर हुई है और राजनीतिक संरक्षण के कारण दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर और अधिकारी बनाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करते हैं, कोचिंग पर भारी खर्च करते हैं, लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था उनकी मेहनत को बर्बाद कर रही है।
श्री पटवारी ने मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ लगातार अन्याय हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक से जुड़े मामले लगातार सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले को गंभीरता से उठा रही है और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 16 मई को कांग्रेस युवाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष कार्यक्रम और आंदोलन की घोषणा करेगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान श्री पटवारी ने बुंदेलखंड क्षेत्र में चल रही केन-बेतवा परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में आदिवासी और किसान परिवार लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने पन्ना और छतरपुर क्षेत्रों का दौरा कर विस्थापित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान कई प्रभावित लोगों ने मुआवजा, पुनर्वास और प्रशासनिक दबाव से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं।
श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि हजारों परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है, लेकिन उन्हें जमीन, मकान और पेड़-पौधों का उचित मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले तय की गई मुआवजा राशि वर्तमान परिस्थितियों में बेहद कम साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों के सदस्य उस समय नाबालिग थे, उन्हें पुनर्वास और मुआवजा प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि परियोजना का कार्य करने वाली कंपनी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और कुछ विभागीय अधिकारी कंपनी के हित में काम कर रहे हैं, जबकि प्रभावित आदिवासियों और किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा चाहे तो वे इस विषय पर सार्वजनिक मंच पर दस्तावेजों सहित चर्चा के लिए तैयार हैं।
श्री पटवारी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता कमजोर की जा रही है और जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं, किसानों, आदिवासियों और गरीब वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी तथा अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर नीट परीक्षा घोटाले, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और केन-बेतवा परियोजना में आदिवासियों के शोषण के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा। कांग्रेस ने युवाओं, किसानों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।