पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस इस बार केवल 80 सीटों तक सिमट गई। इस जीत के साथ भाजपा पहली बार बंगाल में सरकार बनाने जा रही है और अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य की कमान किस नेता को सौंपी जाएगी।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah आज कोलकाता दौरे पर हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। कोलकाता में भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसी के बाद बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का नाम लगभग तय हो जाएगा।
पश्चिम Bengal लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। पहले वामपंथी दलों का लंबे समय तक शासन रहा और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने लगातार 15 वर्षों तक सत्ता संभाली। लेकिन इस बार जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया और भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिया। भाजपा के लिए यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि राजनीतिक विस्तार का बड़ा संकेत भी मानी जा रही है। पार्टी अब बंगाल में संगठन को और मजबूत करने की तैयारी में है।
हालांकि भाजपा ने चुनाव से पहले किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान Amit Shah ने स्पष्ट कहा था कि बंगाल का मुख्यमंत्री राज्य से ही होगा। यही कारण है कि विधायक दल की बैठक से पहले कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में बने हुए हैं। पार्टी नेतृत्व संगठन, अनुभव, जनाधार और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए फैसला कर सकता है।
भाजपा की इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के सामने विकास, रोजगार, उद्योग और कानून-व्यवस्था जैसे कई बड़े मुद्दे होंगे। साथ ही भाजपा के लिए यह चुनौती भी होगी कि वह जनता की उम्मीदों पर खरी उतरे। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी किस नेता को बंगाल की कमान सौंपती है और नई सरकार राज्य के लिए किस दिशा में काम करती है।
1. शुभेंदु अधिकारी
Suvendu Adhikari बंगाल भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह पहले तृणमूल कांग्रेस में थे, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए। नंदीग्राम सीट से बड़ी राजनीतिक पहचान बनाने वाले शुभेंदु अधिकारी को मजबूत संगठन क्षमता और जनाधार वाला नेता माना जाता है। चुनाव में उनकी भूमिका बेहद अहम रही है।
2. दिलीप घोष
Dilip Ghosh भाजपा के पुराने और अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने लंबे समय तक बंगाल भाजपा अध्यक्ष के रूप में काम किया और राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
3. समिक भट्टाचार्य
Samik Bhattacharya भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और अपनी स्पष्ट राजनीतिक सोच के लिए पहचाने जाते हैं। पार्टी के बौद्धिक और रणनीतिक चेहरों में उनकी गिनती होती है। बंगाल की राजनीति और संगठन पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
4. अग्निमित्रा पॉल
Agnimitra Paul भाजपा की युवा और चर्चित महिला नेताओं में से एक हैं। वह अपने आक्रामक भाषणों और सक्रिय राजनीति के कारण लगातार सुर्खियों में रही हैं। महिला नेतृत्व और युवा चेहरे के रूप में पार्टी उन्हें भविष्य के बड़े नेता के तौर पर देखती है।