भोपाल ; मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि किसानों के साथ कथित अन्याय, शोषण और सरकार की उदासीनता के खिलाफ 7 मई 2026 को चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी को लेकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन वास्तविक खरीदी 2625 रुपये में हो रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन की तुलना में सीमित खरीदी होने से बड़ी मात्रा में गेहूं किसानों के पास बच रहा है और उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। धान, खाद और कृषि उपकरणों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने इसे पूरी तरह विफल बताया।
कांग्रेस और किसान संगठनों द्वारा यह आंदोलन 7 मई को सुबह 11 बजे से मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित किया जाएगा। यह चक्का जाम करीब 747 किलोमीटर क्षेत्र में प्रभावी रहेगा, जिसमें हजारों किसान और पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे।
आंदोलन के लिए कई प्रमुख स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, इंदौर और खलघाट प्रमुख हैं। इन स्थानों पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, जिनमें कमलेश्वर पटेल, डॉ. गोविंद सिंह, जयवर्धन सिंह, उमंग सिंघार और अन्य नेता शामिल हैं।
पटवारी ने कहा कि यह आंदोलन “किसान सत्याग्रह” के रूप में शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा और इसका उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही गेहूं और धान के लिए भावांतर योजना लागू नहीं की, तो कांग्रेस सड़क से लेकर जेल तक संघर्ष करेगी।
उन्होंने डॉ. मोहन यादव से मांग की कि किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल निर्णय लिया जाए। पटवारी ने कहा कि सरकार यदि किसानों के हित में कदम उठाती है, तो वह स्वयं मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेंगे।