उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां अब जमीनी स्तर पर तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” के तहत नगर निगम ने व्यापक जल संरक्षण अभियान शुरू किया है।
उज्जैन नगर निगम ने शहर में 25 हजार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने और 101 रिचार्ज स्ट्रक्चर तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि सिंहस्थ के दौरान संभावित जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
नगर निगम मुख्यालय में आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में शहर के कुएं, बावड़ियां, तालाब, नदी और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण, सफाई और पुनर्जीवन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि शहर के होटल, धर्मशाला, होम-स्टे, कमर्शियल और शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही तकनीकी टीम, प्लंबर और पाइप फिटिंग कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि बारिश से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।
नगर निगम ने पुराने जल स्रोतों को केवल साफ करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें आकर्षक बनाने के लिए पेंटिंग, संकेतक बोर्ड और जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना भी बनाई है।
इसके अलावा जून के अंतिम सप्ताह में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल सिंहस्थ 2028 को पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन का आदर्श मॉडल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।