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Mahakal Aarti Update: संध्या और शयन आरती के लिए ₹250 शुल्क, ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब संध्या और शयन आरती के लिए भी ₹250 शुल्क देकर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। नि:शुल्क दर्शन केवल चलित व्यवस्था से होंगे।

By: Abhinav Tiwari 
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Mahakal Aarti Update: संध्या और शयन आरती के लिए ₹250 शुल्क, ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य

श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब भस्म आरती की तरह संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग कर शुल्क देना होगा। मंदिर प्रबंध समिति ने यह नई व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी है। इसके तहत संध्या और शयन आरती में सम्मिलित होने के लिए ₹250 प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, जो श्रद्धालु शुल्क नहीं देना चाहते हैं, वे चलित दर्शन के माध्यम से दर्शन कर सकेंगे।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए लिया गया फैसला

मंदिर समिति के अनुसार, शाम को होने वाली संध्या आरती और रात की शयन आरती में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। अब दोनों आरतियों के लिए बुकिंग केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही की जा सकेगी।

ऑनलाइन बुकिंग का समय और नियम

संध्या और शयन आरती के लिए बुकिंग से जुड़े नियम इस प्रकार हैं-

  • संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग: प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शुरू होगी

  • शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग: प्रतिदिन शाम 4 बजे से शुरू होगी

  • शुल्क: ₹250 प्रति श्रद्धालु (शीघ्र दर्शन के समान)

  • बुकिंग व्यवस्था: फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ)

  • प्रवेश द्वार: दोनों आरतियों के लिए प्रवेश द्वार क्रमांक 1

  • संध्या आरती में प्रवेश का अंतिम समय: सायं 6 बजे

  • शयन आरती में प्रवेश का अंतिम समय: रात 10 बजे

अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे।

नि:शुल्क दर्शन की सुविधा रहेगी जारी

मंदिर प्रबंध समिति ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क केवल आरती में बैठकर दर्शन के लिए है। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क चलित दर्शन की सुविधा पूर्व की तरह जारी रहेगी, ताकि सभी भक्त भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।

व्यवस्था से मिलेगी सुगमता

मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आरती के दौरान होने वाली अव्यवस्था कम होगी और श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन मिल सकेंगे। साथ ही, ऑनलाइन बुकिंग से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

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