उज्जैन के पीपली नाका क्षेत्र में सीवर लाइन की सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया। सीवरेज चेंबर में जमा जहरीली गैस की चपेट में आने से एक सफाईकर्मी की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने उतरे दो अन्य कर्मचारी भी बेहोश हो गए। समय रहते रेस्क्यू शुरू होने से दोनों कर्मचारियों की जान बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह पीपली नाका क्षेत्र में सीवर चेंबर जाम होने की सूचना मिलने के बाद सफाई कार्य के लिए कर्मचारी पहुंचे थे। टाटा कंपनी के प्रोजेक्ट से जुड़े अशोक, गोपाल डाबी और रमेश चौहान मौके पर पहुंचे। सफाई के दौरान सबसे पहले अशोक चेंबर के अंदर उतरा, लेकिन कुछ ही समय बाद जहरीली गैस के प्रभाव से वह बेहोश होकर नीचे गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में गोपाल डाबी और रमेश चौहान भी चेंबर में उतरे, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए।
घटना के दौरान वहां से गुजर रहे उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने स्थिति को देखा और तुरंत बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस, डायल-112 और नगर निगम की टीमों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रेस्क्यू टीम ने तीनों कर्मचारियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक अशोक की मौत हो चुकी थी। वहीं, अन्य दोनों कर्मचारियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा मौके पर पहुंचे। नगर निगम की ओर से मृतक कर्मचारी के परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने और मामले की विस्तृत जांच कराने की बात कही गई है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सीवर चेंबर में उतरने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों की कमी रही। हादसे के बाद ठेका कंपनी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।प्रशासन अब यह जांच करेगा कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।