मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से लंबित अंतर्राज्यीय मुद्दों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गुजरात के साथ सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े जल समझौते पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही मुआवजे से जुड़ा विवाद भी सुलझ गया है। समझौते के अनुसार कुल राशि का 75 प्रतिशत गुजरात सरकार वहन करेगी, जबकि मध्य प्रदेश सरकार 217 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।
केंद्र सरकार की ज्ञान भारतम योजना के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण में मध्य प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में अब तक 34 लाख से अधिक पंजीकरण और 12 लाख पांडुलिपियों का सत्यापन किया जा चुका है। इस अभियान के दौरान टीकमगढ़ से जंबूद्वीप का दुर्लभ नक्शा और बुरहानपुर से करीब 220 वर्ष पुरानी हस्तलिखित श्रीमद्भागवत कथा भी प्राप्त हुई है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सतगढ़ी में 76 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके अलावा 25 एकड़ भूमि पर आधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण होगा, जिससे निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष एवं महिला हॉकी प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
स्वामित्व योजना के तहत लाभार्थियों को रजिस्ट्री के साथ-साथ पंचायत कर और उपकर में भी छूट देने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 48 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

राज्य में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब आईटी पार्कों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया उद्योग विभाग के माध्यम से औद्योगिक नीति के तहत की जाएगी, जिससे निवेशकों को अधिक सुविधा मिलेगी।
कैबिनेट ने उज्जैन स्थित डोंगला वेधशाला के उन्नयन और उसके कार्यों की निरंतरता के लिए 4,900 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती का फैसला लिया गया है। जिन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं, वहां नियुक्तियां की जाएंगी और नियुक्त डॉक्टरों का तीन वर्षों तक तबादला नहीं किया जाएगा।
छात्राओं को लाभ पहुंचाने वाली स्कूटी योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 495 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा नई ‘नमो हरि’ योजना के संचालन के लिए पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी स्वीकृत किया गया है।