उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर में एक गुप्त दानदाता की श्रद्धा ने मंदिर के गर्भगृह को नई भव्यता प्रदान की है। बिना किसी प्रचार या पहचान की इच्छा के दानदाता ने गर्भगृह की अंदरूनी दीवारों को चांदी से मढ़वाने का संकल्प लिया। करीब 41 किलो चांदी से किए गए इस कार्य के बाद मंदिर का गर्भगृह पहले से अधिक आकर्षक और दिव्य दिखाई देने लगा है।
मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार, दानदाता ने अपनी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने की शर्त पर गर्भगृह में चांदी का कार्य कराने की इच्छा जताई थी। समिति की स्वीकृति मिलने के बाद विशेषज्ञ कारीगरों ने सावधानीपूर्वक गर्भगृह की अंदरूनी दीवारों पर चांदी की कलात्मक परत तैयार की।
मंदिर में हुए इस कार्य में करीब 41 किलो चांदी का उपयोग किया गया है। चांदी से सजा गर्भगृह अब श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गया है। दर्शन के लिए आने वाले भक्त भगवान चिंतामण गणेश के साथ-साथ गर्भगृह की नई सजावट को भी श्रद्धा और उत्साह के साथ देख रहे हैं।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि दानदाता ने किसी प्रकार के सम्मान, प्रचार या सार्वजनिक पहचान की इच्छा व्यक्त नहीं की। उनके लिए यह कार्य केवल भगवान के प्रति आस्था, समर्पण और सेवा की भावना का प्रतीक था।
मंदिर समिति का मानना है कि गुप्त दान भारतीय संस्कृति की उस परंपरा को दर्शाता है, जिसमें सेवा और दान का उद्देश्य केवल धर्म और मानवता की भावना को आगे बढ़ाना होता है। ऐसे कार्य समाज में निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देते हैं।