मध्य प्रदेश के उज्जैन में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर तीन संरक्षित सियारों की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से वीडियो बरामद किए गए, जो इस पूरे कृत्य के सबसे बड़े सबूत बने।
जानकारी के अनुसार, जीवाजीगंज थाना क्षेत्र में एक अन्य मामले में हिरासत में लिए गए आरोपी मिथुन पिता राजू के मोबाइल की जांच के दौरान तीन वीडियो मिले। इन वीडियो में आरोपी को सियारों को उनके प्राकृतिक आवास से पकड़कर उनकी हत्या करते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया।
वन विभाग की टीम द्वारा की गई जांच में पुष्टि हुई कि वीडियो में दिखाई दे रहे वन्यजीव सियार हैं, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजातियों में शामिल हैं। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने तीन सियारों की हत्या करना स्वीकार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसने यह कृत्य कथित तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के चलते “सिद्धि प्राप्त करने” के उद्देश्य से किया था।

वन विभाग ने आरोपी के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाकर वन्यजीवों के अवशेष और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध शिकार में कोई अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह शामिल था या नहीं।
वन मंडल अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सख्त और गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि से दूर रहें और वन्यजीवों के शिकार या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें।