उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन अब औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रही है। विक्रम उद्योगपुरी में 1266 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के अत्याधुनिक फ्लेवर कंसंट्रेट प्लांट का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े और इसे मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
यह देश का दूसरा अत्याधुनिक फ्लेवर कंसंट्रेट प्लांट है, जहां शीतल पेय पदार्थों में उपयोग होने वाले फ्लेवर कंसंट्रेट का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना के शुरू होने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्यों में शामिल हो चुका है। उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत आधारभूत संरचना और निवेशकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के कारण प्रदेश लगातार बड़े निवेश आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पेप्सिको जैसी वैश्विक कंपनी का उज्जैन में निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से करीब 800 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इसके अलावा परिवहन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के अंतर्गत विकसित हो रही विक्रम उद्योगपुरी तेजी से औद्योगिक हब के रूप में उभर रही है। यहां प्रस्तावित 63 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से 6000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क, आईटी पार्क, ताजपुर और मक्सी औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े निवेश से उज्जैन का औद्योगिक विकास लगातार मजबूत हो रहा है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, नगर निगम सभापति कलावती यादव, गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर सहित जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।