मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल-जल योजना’ पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद धरातल पर इसका लाभ नहीं मिल रहा है और लोग आज भी पीने के पानी के लिए परेशान हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार वार्ड क्रमांक 4, 6, 11, 13 और 14 में पिछले चार से पांच वर्षों से नल-जल योजना के नाम पर केवल औपचारिक कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में काम पूरा दिखाकर भुगतान तो ले लिया गया, लेकिन वास्तविक रूप से न तो पाइपलाइन सही ढंग से बिछाई गई और न ही घरों तक पानी पहुंच रहा है।
ग्रामीणों ने संबंधित निर्माण कंपनी के साइट इंजीनियर अभय और सुपरवाइजर केशव केवट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे समस्या को लेकर बात करने पहुंचे, तो उनके साथ अभद्रता की गई और कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने खुलेआम कहा कि वे बड़े अधिकारियों को पैसे देते हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस तरह की बातों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बिछाई गई पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे पानी की सप्लाई बाधित है। वहीं लीकेज के कारण सड़कों पर लगातार पानी भर रहा है, जिससे कीचड़ और गंदगी फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर उन्होंने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप और जांच की मांग की है।