मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमझिरिया में जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन जनभागीदारी और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया।
अभियान के समापन अवसर पर जल कलश यात्रा निकाली गई। इसके साथ ही क्षेत्र के पारंपरिक जल स्रोतों का पूजन किया गया और सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे परमार, कलेक्टर ऊषा परमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उमराव सिंह मरावी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे परमार ने कहा कि प्राचीन जल स्रोतों का संरक्षण और उनका पुनर्जीवन वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जल बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाएं, क्योंकि “जल है तो कल है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता है।