मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 19 माह के एक बच्चे की इलाज के दौरान आंखों की रोशनी प्रभावित होने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, बच्चे को सर्दी और आंखों में संक्रमण की समस्या के चलते शासकीय अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया था। यहां उसे आई ड्रॉप और नोजल ड्रॉप दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद बच्चे की आंखों की रोशनी पर गंभीर असर पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इलाज के दौरान कोई लापरवाही हुई है या नहीं।

भाजपा प्रवक्ता धैर्यवर्धन शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चे के बेहतर इलाज और परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जांच में यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलती सामने आती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बच्चे के उपचार को प्राथमिकता देते हुए हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।