उज्जैन स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक स्नान यात्रा श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। इस दौरान पंचामृत सहित गंगा, यमुना, नर्मदा और शिप्रा जैसी पवित्र नदियों के जल से भगवान का विधिवत महाअभिषेक किया गया।
स्नान महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भजन-कीर्तन के बीच भक्तों ने स्वयं अपने हाथों से भगवान का अभिषेक कर आस्था प्रकट की। आयोजन के दौरान पारंपरिक भारतीय वेशभूषा का विशेष ध्यान रखा गया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए अनवसर काल में विश्राम करते हैं। इस अवधि में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना सीमित रूप में की जाती है।

अनवसर काल समाप्त होने के बाद 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
स्नान यात्रा के बाद भगवान के दिव्य गजवेश दर्शन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें रथ यात्रा परंपरा से जुड़ी झलकियां प्रस्तुत की गईं।