दिल्ली : कृषि शिक्षा और शोध से जुड़े छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति और फेलोशिप वितरण की नई व्यवस्था शुरू की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के छात्रों को आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि के वितरण का शुभारंभ किया।
इस नई व्यवस्था के तहत एक क्लिक के जरिए 6,080 आईसीएआर छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। सरकार का उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सरल बनाना है। डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से छात्रों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी को कम करने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आधार आधारित छात्रवृत्ति प्रणाली को डीबीटी के माध्यम से शुरू किया गया है। इससे पात्र छात्रों को सीधे लाभ पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि इस प्रणाली से छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने में मदद मिलेगी।
आईसीएआर के तहत बड़ी संख्या में विद्यार्थी कृषि शिक्षा और शोध से जुड़े हुए हैं। इन छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप पढ़ाई के साथ-साथ शोध कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान करती है। समय पर राशि मिलने से छात्रों को अपनी शिक्षा और शोध से संबंधित आवश्यक खर्चों को पूरा करने में सुविधा मिल सकती है।
सरकार की नई व्यवस्था में आधार आधारित सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों तक राशि पहुंचाने पर जोर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि निर्धारित छात्रवृत्ति सीधे पात्र छात्रों के खातों में पहुंचे। फिलहाल इस पहल के तहत 6,080 आईसीएआर छात्रों को एक क्लिक के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि ट्रांसफर की गई है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में ऐसी डिजिटल व्यवस्था से छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सकती है।
केंद्र सरकार की इस पहल को कृषि शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचने से छात्रों को राहत मिलेगी और छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत करने में मदद मिलेगी।