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गोरखपुर का बांसगांव बना नंबर-1, नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में उत्तर भारत में हासिल किया पहला स्थान

गोरखपुर के बांसगांव ब्लॉक ने नीति आयोग की जनवरी-मार्च 2026 की डेल्टा रैंकिंग में उत्तर भारत के जोन-2 में पहला स्थान हासिल किया। उपलब्धि पर डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली।

By: BS Yadav 
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गोरखपुर का बांसगांव बना नंबर-1, नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में उत्तर भारत में हासिल किया पहला स्थान

गोरखपुर के बांसगांव ब्लॉक ने विकास के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की डेल्टा रैंकिंग में बांसगांव ने उत्तर भारत के ज़ोन-2 में पहला स्थान हासिल किया है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही रैंकिंग में नंबर वन आने पर बांसगांव ब्लॉक को डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पोषण और आधारभूत ढांचे समेत 39 इंडिकेटर्स पर बेहतर प्रदर्शन ने बांसगांव को यह मुकाम दिलाया है।

कभी विकास की चुनौतियों से जूझने वाला गोरखपुर का बांसगांव अब विकास की नई कहानी लिख रहा है। नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की डेल्टा रैंकिंग में बांसगांव ने उत्तर भारत के जोन-2 में पहला स्थान हासिल किया है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही रैंकिंग में बांसगांव का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।नीति आयोग की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में बांसगांव की इस उपलब्धि की पुष्टि की गई है। नंबर-1 स्थान हासिल करने के साथ ही बांसगांव ब्लॉक को भारत सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली है।

39 इंडिकेटर्स पर बेहतर प्रदर्शन

बांसगांव ब्लॉक का मूल्यांकन स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत ढांचे और सामाजिक विकास जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े कुल 39 केपीआई यानी इंडिकेटर्स पर किया गया। इन सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के दम पर बांसगांव ने डेल्टा रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया।

पुरस्कार राशि से स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस

सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने बताया कि जनवरी से मार्च 2026 की डेल्टा रैंकिंग में बांसगांव ने नॉर्थ इंडिया जोन में नंबर-1 स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय बांसगांव की जनता के सहयोग और सहभागिता को दिया।सीडीओ ने कहा कि पुरस्कार के रूप में मिली डेढ़ करोड़ रुपये की राशि के उपयोग के लिए कार्ययोजना तैयार कर नीति आयोग को भेजी जाएगी। प्रशासन का फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा और जनहित से जुड़े कार्यों पर रहेगा, ताकि क्षेत्र की समस्याओं का बेहतर समाधान हो सके और विकास कार्यों को और गति मिले।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासन लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयासरत है और बांसगांव को विकास के नए आयाम तक ले जाने का प्रयास जारी रहेगा।

आकांक्षी ब्लॉकों के लिए बना मॉडल

बांसगांव की यह उपलब्धि केवल गोरखपुर तक सीमित नहीं है। नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल करना उत्तर प्रदेश के अन्य आकांक्षी ब्लॉकों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।बांसगांव की सफलता यह दिखाती है कि बेहतर रणनीति, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, मजबूत मॉनिटरिंग और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के जरिए विकास की तस्वीर बदली जा सकती है। डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि के साथ अब बांसगांव में स्वास्थ्य, शिक्षा और जनहित के क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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