शरीर में पानी की कमी कई कारणों से हो सकती है-दिनभर पर्याप्त पानी न पीना, ज्यादा पसीना आना, उल्टी-दस्त, बुखार, धूप में लंबे समय तक काम करना या ज्यादा व्यायाम करना।
शरीर में पानी की कमी कई कारणों से हो सकती है-दिनभर पर्याप्त पानी न पीना, ज्यादा पसीना आना, उल्टी-दस्त, बुखार, धूप में लंबे समय तक काम करना या ज्यादा व्यायाम करना।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वनांचल ग्राम परसिली में जनजातीय समुदाय से किया संवाद
राज्यपाल धरती आबा ग्राम सलैया के कार्यक्रम में हुए शामिल। जनजातीय, गरीब परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता। राज्यपाल ने कहा कि बिरसा मुंडा के त्याग से प्रेरणा लेकर जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार देश को दुनिया का फूड बास्केट बनाने की दिशा में काम कर रही है। भारत विस्तार एप लॉन्चिंग को लेकर उन्होने कहा कि यह एक ऐसा एआई प्लेटफॉर्म है जिसमें किसान को कहीं जाना नहीं पड़ेगा। घर बैठे ही सभी समस्याओं का समाधान मिल पाएगा।
अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों की जमीन निजी हाथों में बेचने का आरोप। किसान परिवार वर्षों से कर रहे थे खेती। न्याय नहीं मिला तो आंदोलन करेंगे ग्रामीण। बैतूल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का गृह जिला।
मध्यप्रदेश को नई रेल और रेल सुविधाओं की मिली सौगात। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई ट्रेन भोपाल-धनबाद-चौपन एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी। फ्रेट कॉरिडोर में मध्यप्रदेश के लाभ और एलाइनमेंट पर चर्चा के लिये केन्द्रीय रेल मंत्री वैष्णव आयेंगे भोपाल।
कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान चौपाल को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सवाल उठाया कि 2003 तक सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर तक ही क्यों सीमित रहा। उनका दावा है कि 55 वर्षों में जितना काम नहीं हुआ, उससे अधिक कार्य वर्तमान सरकार ने डेढ़ साल में कर दिखाया है।
दंगल की खास बात यह है कि ईरान से अंतरराष्ट्रीय पहलवान इरफान शेख भी प्रतियोगिता में भाग लेने बैढ़न पहुंच रहे हैं, जो अपने दमदार दांव-पेच से दर्शकों को रोमांचित करेंगे।
लटेरी के जंगलों में अवैध कटान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। सत्ता पक्ष के स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने सरकार की घेराबंदी करते हुए कहा, "यदि सत्ता पक्ष के विधायक की ही अधिकारी नहीं सुन रहे, तो उन्हें पद पर रहने का हक नहीं है।
डॉ. वर्मा ने सबसे पहले लेबर रूम और नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने सुविधाओं, उपकरणों की उपलब्धता, साफ-सफाई और स्टाफ की मौजूदगी का जायजा लिया।