पन्ना जिले की ग्राम पंचायत द्वारी में ग्रामीण सरपंच और सचिव की कथित मनमानी से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। जगह-जगह जलभराव, चोक नालियां और गंदे पानी की समस्या से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं श्मशान घाट समेत अन्य निर्माण कार्यों में भी अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
ग्राम पंचायत द्वारी में बारिश के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव की कई नालियां लंबे समय से चोक हैं, जिसके कारण गंदा पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। जलभराव और कीचड़ के साथ दुर्गंध से ग्रामीण परेशान हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नालियों की सफाई को लेकर सरपंच और सचिव से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने पीएम आवास, राशन पर्ची और संबल जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंचने के भी आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आदिवासी बस्ती के मुक्तिधाम में पहले से बनी पत्थर की बाउंड्री को हटाकर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि पुरानी बाउंड्री के निर्माण के बावजूद नए कार्य के लिए राशि स्वीकृत कराई गई और अब निर्माण में मिट्टी से पत्थरों की जुड़ाई की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों की स्थिति कागजों पर बेहतर दिखाई जाती है, जबकि जमीन पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी ने मामले की जांच कराने की बात कही है। उनके अनुसार पंचायत के कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि जांच में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही साबित होते हैं और पंचायत में विकास कार्यों को लेकर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
पन्ना से राजेश रावत की रिपोर्ट।