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बड़वानी में खबर का असर: नवलपुरा की टूटी पेयजल लाइन दुरुस्त, 50-60 घरों में पानी की सप्लाई बहाल

बड़वानी के नवलपुरा में सीवरेज कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को नगर पालिका और सीवरेज कंपनी ने दुरुस्त कर दिया। 50-60 घरों में पानी की सप्लाई बहाल हुई, लेकिन गुणवत्ता और सड़क की मरम्मत पर सवाल बरकरार हैं।

By: BS Yadav 
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बड़वानी में खबर का असर: नवलपुरा की टूटी पेयजल लाइन दुरुस्त, 50-60 घरों में पानी की सप्लाई बहाल

बड़वानी: शहर के नवलपुरा क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन को नगर पालिका और सीवरेज कंपनी के कर्मचारियों ने दुरुस्त कर दिया है। लाइन टूटने के कारण करीब 50 से 60 घरों में पेयजल सप्लाई प्रभावित हो गई थी। इस समस्या को आरएनआई न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जोड़कर जलापूर्ति बहाल की गई।

खबर के बाद हरकत में आया विभाग

मामला बड़वानी शहर के नवलपुरा स्थित कसरावद रोड पर सांवरिया पेट्रोल पंप के पास का है। यहां सीवरेज चैंबर लाइन बिछाने के दौरान घरों को जाने वाली पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लाइन में लीकेज और टूट-फूट के चलते कई घरों में पानी की सप्लाई बंद हो गई थी।वार्ड निवासी दुर्गाबाई ने बताया कि चौथे दिन जब नगर पालिका की ओर से जलप्रदाय किया गया, तो निर्धारित समय की तुलना में करीब 15 से 20 मिनट ही पानी मिल सका। लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी सड़क पर बहने लगा, जिसके बाद वाल्व बंद करना पड़ा। खबर सामने आने के बाद नगर पालिका कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लाइन को जोड़ दिया, जिसके बाद सप्लाई फिर शुरू हो गई।

स्थानीय लोगों ने उठाए सड़क मरम्मत पर सवाल

स्थानीय निवासी नितिन राठौड़ ने सीवरेज कार्य के बाद सड़क की मरम्मत को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि खुदाई के बाद गड्ढों में केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया जाता है और पक्की सीमेंट-कांक्रीट मरम्मत नहीं की जाती। वाहनों के दबाव से मिट्टी धंसने के कारण नीचे दबी पेयजल लाइन के दोबारा क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।स्थानीय लोगों के अनुसार, कसरावद बायपास मार्ग से बड़ी संख्या में वाहन और बसें गुजरती हैं। सड़क पर खुदाई और मिट्टी के कारण धूल, गड्ढे और बारिश के दौरान कीचड़ की समस्या भी सामने आती है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित अंतराल पर पानी की सप्लाई होती है, ऐसे में पाइपलाइन खराब होने से परेशानी और बढ़ जाती है।

सप्लाई बहाल, लेकिन गुणवत्ता पर सवाल

पेयजल सप्लाई बहाल होने के बाद शुरुआती दौर में कुछ स्थानीय लोगों ने मटमैला पानी आने की शिकायत भी की है। वहीं विपक्ष नेता राकेश सिंह जाधव ने सीवरेज कार्य की गुणवत्ता और नगर पालिका तथा संबंधित कंपनी के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि लाइन जोड़ने से तत्काल समस्या का समाधान हुआ है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सीवरेज कार्य के दौरान पेयजल लाइनें दोबारा क्षतिग्रस्त न हों। स्थानीय लोगों ने भी खुदाई वाले स्थान पर पक्की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में पेयजल आपूर्ति और सड़क दोनों से जुड़ी समस्याएं दोबारा सामने न आएं।फिलहाल नवलपुरा क्षेत्र में पेयजल सप्लाई बहाल हो गई है, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क की स्थायी मरम्मत और सीवरेज कार्य की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए।

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