टीकमगढ़ : मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ विकासखंड में जनविश्वास शिविर का आयोजन किया गया। संभागायुक्त दिलीप कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता सिंह और कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में आमजन पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
शिविर में नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों से जुड़े 43 आवेदनों पर सुनवाई की गई। वहीं राजस्व अभिलेख सुधार से संबंधित 105 प्रकरणों का निराकरण किया गया और आवेदकों को आवश्यक निराकृत दस्तावेज मौके पर ही उपलब्ध कराए गए। विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदनों का भी नियमानुसार परीक्षण कर समाधान किया गया।शिविर में राजस्व अभिलेख सुधार, भूमि संबंधी मामले, बीपीएल कार्ड, संबल कार्ड, सड़क निर्माण और मरम्मत, प्रधानमंत्री आवास सहित कई विषयों से जुड़े आवेदन सामने आए। संभागायुक्त और कलेक्टर ने आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को पात्रता के आधार पर मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
उद्यमियों से संवाद, 15 हितग्राहियों को मिले स्वीकृति पत्र
शिविर के दौरान संभागायुक्त दिलीप कुमार ने स्थानीय उद्यमियों से संवाद कर उनके व्यवसाय, जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, पीएमएफएमई, पीएम विश्वकर्मा, पीएम स्वनिधि, उद्यानिकी क्षेत्र विस्तार योजना और एनआरएलएम स्व-सहायता समूह ऋण योजना समेत विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत पात्र 15 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र युवाओं और जरूरतमंद हितग्राहियों को स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। औद्योगिक क्षेत्र सुनौरा-खिरिया में आवंटित भूखंडों पर अतिक्रमण हटाने और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए गए।
इंफ्लूएंसर्स से भी हुआ संवाद
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने जिले के इंफ्लूएंसर्स अमन सोनी, मयूर तिवारी और अदिति मिश्रा से संवाद कर उनके कंटेंट के बारे में जानकारी ली। उन्होंने समाजहित, जनजागरूकता और ज्ञानवर्धक विषयों पर उपयोगी कंटेंट तैयार करने का सुझाव दिया।जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता सिंह ने कहा कि जनविश्वास अभियान का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का सहज, सुगम और पारदर्शी लाभ उपलब्ध कराना है। शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की पहल की जा रही है।