मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के चरगांवा स्थित सेमरा में करीब ₹8.05 करोड़ की लागत से निर्मित 100 महिलाओं की क्षमता वाले राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाल सेवा योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शरणालय निराश्रित, घरेलू हिंसा से प्रभावित और कठिन परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं को सुरक्षित आश्रय एवं सहायता उपलब्ध कराने में उपयोगी होगा। उन्होंने महिला सुरक्षा, स्वावलंबन और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की बात कही। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में सड़क, कनेक्टिविटी और अन्य विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
अब महिलाओं को नहीं खाना पड़ेगा दर-दर की ठोकर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी बेटी जो कई कारणों से घर छोड़कर निकल जाती है, कोई भी नारी जो घर की हिंसा की शिकार होती है, अब उसे दर-दर की ठोकर नहीं खाना पड़ेगा। गोरखपुर का यह महिला शरणालय गोरखपुर कमिश्नरी के अंदर 100 बेड के शरणालय के रूप में उनके लिए पूरी व्यवस्थित रूप से संचालित होगा। आधी आबादी को सम्मान मिले, आधी आबादी को सुरक्षा मिले और आधी आबादी स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर होकर विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर सके इसे लेकर डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में निरंतर कार्य कर रही है।
बेटी के जन्म से पढ़ाई और विवाह तक योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिला कल्याण के लिए प्रदेश में अनेक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेटी के जन्म लेने से लेकर उसके स्नातक तक की पढ़ाई के लिए हो, बेटी के विवाह योग्य होने के बाद उसके विवाह की व्यवस्था हो, दुर्भाग्य से अगर किसी नारी के सामने आश्रय का संकट आया हो तो उसका संबल बनने की व्यवस्था हो, बुजुर्ग अवस्था में किसी के सामने संकट हो तो वृद्धावस्था पेंशन से जोड़ने की व्यवस्था हो या जीवन के किसी भी क्षेत्र में काम करने वाली कामकाजी महिला के लिए छात्रावास की व्यवस्था करनी हो, शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हर प्रकार की सुविधा आज हर बेटी, हर बहन और हर नारी के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।
2017 से पहले की स्थिति पर CM योगी का हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले की क्या स्थिति थी, कहावत ही चल पड़ी थी,देख सपाई बिटिया घबराई तत्कालीन सरकार के गुंडे और अपराधी इतना भय और माहौल खराब किए रहते थे कि कोई भी व्यक्ति, शरीफ व्यक्ति, सज्जन व्यक्ति असुरक्षित था। हर व्यक्ति अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था। प्रदेश के बहुत सारे जनपद ऐसे थे, जहाँ बेटियों की पढ़ाई संकट में थी। संसाधन नहीं थे, स्कूल नहीं थे, कॉलेज न के बराबर थे और जो थे भी, वे सुरक्षित नहीं थे।
अब यूपी में अराजकता नहीं सीएम
मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि पहले स्थिति ऐसी थी कि गरीब को किसी योजना का लाभ नहीं मिल पाता था। शासन की योजनाओं का पैसा गुंडे खा जाते थे, गरीब की पेंशन का पैसा खा जाते थे और गरीब की जमीन पर कब्जा कर लेते थे। अराजकता का तांडव था। आज उत्तर प्रदेश के अंदर कोई इस प्रकार की स्थिति पैदा नहीं कर सकता। अब उत्तर प्रदेश के अंदर पर्व और त्योहार के पहले भी कोई उत्पात नहीं कर सकता, क्योंकि उत्तर प्रदेश के अंदर अब सुरक्षा का माहौल है। उत्तर प्रदेश कर्फ्यू मुक्त है, भय मुक्त है, गुंडागर्दी से मुक्त है और कब्जे से मुक्त है और यह तब हो पाया है, जब समाज और सरकार मिलकर एक दिशा में काम करते हैं। तभी परिणाम सामने आया है।
बेटी के जन्म से स्नातक तक 25 हजार का जिक्र
2017 के बाद आपने देखा होगा कि आज बेटी की पढ़ाई और उसके भविष्य के लिए अनेक योजनाएँ संचालित हैं। बेटी के जन्म लेने पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से परिवार को आच्छादित किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये के पैकेज की व्यवस्था की गई है। बेटी विवाह योग्य होती है तो मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये दिए जा रहे हैं। बेटी बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल में एडमिशन लेती है तो दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते और स्वेटर बेटी और बेटा दोनों के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। आज एक करोड़ सात लाख बच्चों को इस सुविधा का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
पेंशन, राशन और आवास योजनाओं का जिक्र
एक करोड़ दस लाख परिवारों को 12 हजार रुपये सालाना पेंशन की सुविधा का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। 65 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध करवाए गए हैं। गाँवों में ग्राम पंचायत की जिस भूमि पर कोई गरीब मकान बनाता था, पहले अगर मकान क्षतिग्रस्त हो जाता था तो उस मकान को फिर से बनाने नहीं दिया जाता था। आज सरकार ने सुनिश्चित किया है कि जिस गरीब का जहाँ मकान होगा, वहाँ उसको घरौनी मिलेगी और घर की महिला सदस्य के नाम पर भी घरौनी उपलब्ध कराई जाएगी। आज रसोई गैस का कनेक्शन आपके पास है, बिजली का कनेक्शन आपके पास है, आयुष्मान कार्ड आपके पास है। कोई चिंता नहीं, क्योंकि डबल इंजन की सरकार आपका संबल बनकर खड़ी है।
कोरोना से निराश्रित बच्चों को भी सरकार का सहारा- सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों को इस बात को ध्यान में रखना होगा,अच्छे लोग चुनते हैं तो अच्छी सुविधाएँ मिलती हैं। पहले कोई सोच सकता था कि महिला शरणालय बनेगा, पहले कोई सोच सकता था कि गरीब का बच्चा भी अच्छे स्कूलों में पढ़ सकेगा, आपने देखा होगा कि कोविड कालखंड में जो बच्चे निराश्रित हो गए थे, जिनके घरों में कोरोना से मृत्यु हुई थी, उनको हम चार हजार रुपये महीना छात्रवृत्ति देते हैं। अभी हमने उनको टैबलेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे बच्चे पढ़-लिख सकें, हुनहार बनकर आगे बढ़ सकें।आज गरीब को नौकरी मिल रही है, गरीब के घर में रोजगार की सुविधा उपलब्ध हुई है। शासन की सुविधाएँ बढ़ी हैं,अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और अच्छी कनेक्टिविटी उपलब्ध हुई है।
इंसेफेलाइटिस पर सरकार की कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का तो क्या कहना 2017 के पहले इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियाँ बच्चों को निगल जाती थीं और तत्कालीन सरकारों के कान पर जूँ तक नहीं रेंगती थी। सैकड़ों बच्चे मस्तिष्क ज्वर का शिकार होते थे, लेकिन कोई पूछने वाला नहीं था। आज उन बीमारियों से बचाने के लिए सरकार ने पुख्ता व्यवस्था की है। 2017 के पहले इस बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 500 बच्चों की मौत होती थी। आज मौत के आँकड़े जीरो पर हैं। प्रयास करने से जीवन बचाया जा सकता है और उसी प्रयास के क्रम में यह महिला शरणालय आज सर्वांगीण रूप से तैयार किया गया है।
घरेलू हिंसा की पीड़ित महिलाओं का सहारा बनेगा शरणालय- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिला हो, कोई दीदी, कोई बहन, कोई माता अपने घर से या कहीं से छूट गई हो, सरकार ऐसे लोगों का संबल बनती है। मैंने भी देखा था, एक बुजुर्ग महिला थी। बोल नहीं पा रही थी, कहाँ की है, कोई पता नहीं था। लेकिन इस महिला शरणालय में रह रही है और भी तमाम ऐसे लोग हैं। ऐसे लोगों का संबल सरकार बनती है, उनके साथ खड़ी रहती है। उन्हें लीगल एड के माध्यम से अधिवक्ता से मिलाने का काम करती है और लगातार उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करती है।
लखपति दीदी से लेकर बैंकिंग सखी तक, महिलाओं के स्वावलंबन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब महिलाएँ हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही हैं। मैं पिछले दिनों आजमगढ़ गया था। वहाँ बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर के एक कार्यक्रम में गया था। मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से गाँव-गाँव में उत्पाद समितियाँ बनाई गई हैं। गाय या भैंस का दूध कलेक्ट किया जाता है। आज उत्तर प्रदेश में ऐसे पाँच मिल्क प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं, एक झाँसी में, एक आगरा में, एक काशी में, एक गोरखपुर में और एक लखनऊ में। लखपति दीदी के माध्यम से लाखों बहनें आज स्वावलंबन का जीवन व्यतीत कर रही हैं। ग्राम दीदी के रूप में महिलाएँ स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ रही हैं।बैंकिंग कॉरस्पॉन्डेंट सखी के रूप में अपने गाँव में बैंकिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराकर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
96 लाख MSME और 24 हजार से अधिक स्टार्टअप का दावा- सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परंपरागत उद्यम को प्रोत्साहित करके सरकार ने जो कार्य किया, उसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट लगी हैं और तीन करोड़ से अधिक लोग उनमें रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इनमें लाखों ऐसे उद्यम हैं, जिनका संचालन केवल महिलाएँ कर रही हैं। यूपी में स्टार्टअप इकोसिस्टम भी मजबूत हुआ है। आज हमारा युवा नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है। 24 हजार से अधिक स्टार्टअप आज यूपी के सिस्टम का अंदाजा देश और दुनिया को करा रहे हैं। महिला आरक्षण का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से पास करवाया है। पंचायत के बाद अब विधानसभा और लोकसभा में भी महिलाओं को आरक्षण की सुविधा प्राप्त हो, इसका पुख्ता इंतजाम किया गया है।
नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे- सीएम
सरकार हर नारी की सुरक्षा, उनके सम्मान और उनके सशक्तिकरण के लिए, हर युवा की अच्छी एजुकेशन और उसके एम्प्लॉयमेंट के लिए पूरी सजगता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है। मिशन रोजगार उसी क्रम में संचालित एक अभिन्न कार्यक्रम है। साढ़े 9 लाख से अधिक नौजवानों को अब तक हमने सरकारी नौकरी दी है। लगातार हर सप्ताह मैंने विपक्षियों से कहा कि भई, आप काम नहीं कर पाए थे, आपको आज से करने का अधिकार नहीं। लेकिन फिर भी लोकतंत्र का तकाजा है, आपको बोलने की पूरी स्वतंत्रता है। आप बोलिए, गिनते जाइए हम नौकरी बढ़ाते जाएंगे। आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम यूपी के नौजवान को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे।
हमने ऐसी व्यवस्था यूपी के अंदर कर दी है।
गोरखपुर में बदल रही कनेक्टिविटी की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नए-नए निर्माण हो रहे हैं। नया इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप हो रहा है। कोई सोचता था कि मेडिकल कॉलेज की रोड फोर-लेन हो जाएगी, कोई सोचता था कि छूंकिया गेट से लेकर पकलैजर तक फोर-लेन की सड़क बनेगी, कोई सोचता था कि फटर तक फोर-लेन की कनेक्टिविटी होगी, कोई सोचता था कि केशव सिंह चौराहा से लेकर गोरखनाथ थाने तक बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी, कोई सोचता था कि बर्डवां से स्पोर्ट्स कॉलेज होते हुए मोदीपुर तक फोर-लेन की कनेक्टिविटी बनेगी।
लखनऊ से वाराणसी तक की कनेक्टिविटी और हवाई सेवा पर बोले सीएम
सीएम ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई सोचता था कि लखनऊ से गोरखपुर की दूरी कम हो पाएगी और एक्सप्रेसवे के माध्यम से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लिंक मिलेगा, वाराणसी जाने में जहाँ छह-सात घंटे लगते थे, आज मात्र ढाई घंटे में वाराणसी जा सकते हैं। गोरखपुर से हवाई सेवा का भी मुख्यमंत्री ने जिक्र किया और कहा कि कोई सोच सकता था कि गोरखपुर से देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जाने के लिए हवाई सेवा प्राप्त होगी, गोरखपुर से देश के किसी भी कोने में जाने के लिए अच्छी कनेक्टिविटी की सुविधा आज उपलब्ध है। ये सभी सुविधाएँ आज प्राप्त हैं, क्योंकि डबल इंजन की सरकार आपके सुख-दुख में आपके साथ खड़ी है। आज सरकार हर प्रकार का सहयोग देने के लिए तैयार है और उसी सहयोग देने के क्रम में आज महिला शरणालय का लोकार्पण करने के लिए हम लोग गोरखपुर में उपस्थित हुए हैं।
भगवान वामन जयंती पर CM योगी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री ने कहा आज श्रीहरि विष्णु के महत्वपूर्ण अवतार भगवान वामन की पावन जयंती भी है। भगवान विष्णु जब दैत्यों के राजा बलि के पास जाते हैं तो उनसे भिक्षा मांगते हैं।बलि कहते हैं,मैं प्रह्लाद का पौत्र हूँ, मुझसे जो मांगोगे, मैं दूँगा। भगवान वामन ने कहा मुझे केवल तीन पग जमीन चाहिए। बलि ने सोचा कि तीन पग में क्या मांगा जाएगा।लेकिन भगवान श्रीहरि विष्णु ने अपने तीन पग में तीनों लोकों को नाप लिया। आज भगवान वामन की पावन जयंती है। वामन जयंती के अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला शरणालय के सफल संचालन का भरोसा करते हुए कहा कि मैं विश्वास व्यक्त करता हूँ कि महिला कल्याण विभाग इसका बहुत अच्छे ढंग से संचालन करेगा साथी मुख्यमंत्री ने महिला शरणालय के लोकार्पण के अवसर पर सभी को बधाई दी।
अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट