गोरखपुर : उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर मिशन शक्ति अभियान के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति फेज-6 के तहत आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर 500 स्कूटी को रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही महिलाओं और बेटियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है।
महिला सुरक्षा और सम्मान पर जोर
गोरखपुर में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से 500 स्कूटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से प्रदेश में महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और जरूरत पड़ने पर पुलिस व प्रशासन की मदद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सुरक्षा से लेकर स्वावलंबन तक का अभियान
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही महिला हेल्प डेस्क और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जाता है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी अहम
महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 112, महिला हेल्पलाइन के लिए 1090 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए 1076 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं, बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 उपलब्ध है। मिशन शक्ति के जरिए इन सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। गोरखपुर में 500 स्कूटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति फेज-6 के तहत महिला सुरक्षा और जागरूकता अभियान को गति दी। अब इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने के साथ उन्हें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना है।
रिपोर्ट : अंकित श्रीवास्तव