Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत तेज हो गई है। बता दें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने SIR के समर्थन में उतरते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए SIR को मतदाता सूची साफ और पारदर्शी बनाने की जरूरी प्रक्रिया बताया।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि देश में पहली बार SIR की प्रक्रिया नहीं हो रही है। अब तक 12 बार यह अभियान चलाया जा चुका है। इनमें से 10 बार कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में SIR की प्रक्रिया पूरी हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले कांग्रेस सरकारों के दौरान यह प्रक्रिया हुई, तब किसी ने इसका विरोध क्यों नहीं किया।
खंडेलवाल ने पश्चिम बंगाल में आबादी बढ़ने के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वहां औसत से तीन से चार गुना ज्यादा आबादी बढ़ने की बात सामने आई है। ऐसे में फर्जी मतदाताओं और मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रही है।
हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली गई यात्राओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। खंडेलवाल ने कहा कि चुनाव में हार मिलने के बाद विपक्ष कभी EVM तो कभी SIR को जिम्मेदार ठहराने लगता है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने भी SIR के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में 12 बार SIR की प्रक्रिया हुई है और 10 बार यह कांग्रेस सरकारों के दौरान पूरी की गई। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि क्या उस समय हुई SIR की प्रक्रिया असंवैधानिक थी?
प्रेम शुक्ला ने कहा कि SIR के तहत डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली पर भी निशाना साधते हुए इसे ‘राहुल लीला’ बताया। उनका दावा है कि रैली के कारण करीब तीन लाख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का कारोबार प्रभावित हुआ और कई दुकानें बंद रहीं।
प्रेम शुक्ला ने राहुल गांधी पर संसद में बहस से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चार बार बहस हुई, लेकिन प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान राहुल गांधी सदन से चले गए। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि SIR के दौरान जिन वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके नाम और प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। शुक्ला ने दावा किया कि राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में भी ऐसे मतदाताओं के उदाहरण पेश नहीं कर पाए।
बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों की संख्या का हवाला देते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस का राजनीतिक आधार कमजोर हुआ है, जबकि बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने 2004 से लेकर 2024 तक के आंकड़े पेश किए और इसके लिए राहुल गांधी के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखे।
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