Madhya Pradesh News: भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना एक सफाईकर्मी को भारी पड़ने का आरोप सामने आया है। बता दें नौकरी से निकाले जाने और वर्षों से न्याय नहीं मिलने से परेशान एक पूर्व सफाईकर्मी झाड़ू और तिरंगा लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। यहां उसने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।
पूर्व सफाईकर्मी संतोष सिंह का आरोप है कि साल 2018 में नगर निगम (Nagar Nigam) के कुछ अधिकारियों ने साजिश के तहत उसे नौकरी से बाहर कर दिया था। जिसमें उसका कहना है कि वह अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर की जा रही रिश्वतखोरी का विरोध कर रहा था। इसी वजह से उसे अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।
संतोष सिंह का कहना है कि नौकरी छिनने के बाद उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। लंबे समय से वह न्याय पाने के लिए परेशानियों का सामना कर रहा है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसी उम्मीद के साथ वह अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से न्याय की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान संतोष सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया। उसने कहा कि मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर जिले में एक ईमानदार और दरियादिल कलेक्टर की नियुक्ति की है। उसे उम्मीद है कि कलेक्टर उसकी शिकायत को गंभीरता से सुनेंगे और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए उचित कार्रवाई करेंगे।
वहीं, सफाईकर्मी ने अपने प्रदर्शन के लिए झाड़ू और तिरंगे को चुना। जिसमें उसका कहना है कि हर काम में झाड़ू का अपना महत्व है, जबकि तिरंगा देश की शान और सम्मान का प्रतीक है। उसने कहा कि वह इसी देश का नागरिक है और उसे अपने देश पर गर्व है।
संतोष सिंह के इस प्रदर्शन के बाद अब मामला प्रशासन के सामने है। बड़ा सवाल यह है कि वर्ष 2018 में नौकरी से हटाए जाने और रिश्वतखोरी का विरोध करने के उसके आरोपों की जांच होगी या नहीं? क्या उसे और उसके परिवार को न्याय मिल पाएगा? फिलहाल पूर्व सफाईकर्मी को कलेक्टर से न्याय मिलने की उम्मीद है।
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