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अमृत-2 ग्रीन स्पेस पार्क के निर्माण पर विवाद, गुणवत्ता और अनियमितताओं की जांच की मांग

नेपानगर के वार्ड 11 में 35 लाख रुपये से बने अमृत-2 ग्रीन स्पेस पार्क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। नगर पालिका उपाध्यक्ष ने भोपाल में शिकायत कर जांच की मांग की है।

By: BS Yadav 
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अमृत-2 ग्रीन स्पेस पार्क के निर्माण पर विवाद, गुणवत्ता और अनियमितताओं की जांच की मांग

बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 11 में करीब 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित अमृत-2 ग्रीन स्पेस पार्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पार्क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर नगर पालिका उपाध्यक्ष सरला प्रवीण काटकर ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के आयुक्त को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पार्क के निर्माण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। बच्चों के लिए लगाए गए झूले और खेल उपकरणों के साथ-साथ व्यायाम उपकरणों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।इसके अलावा पार्क परिसर में जगह-जगह गड्ढे होने और ठेकेदार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वृक्षारोपण नहीं किए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।

भुगतान को लेकर भी शिकायत

नगर पालिका उपाध्यक्ष के अनुसार, करीब 35 लाख रुपये की लागत वाले पार्क के निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार रितेश पाटिल को अब तक लगभग 20 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि करीब 13 लाख रुपये का भुगतान शेष बताया गया है।शिकायत में ठेकेदार को नगर पालिका अध्यक्ष के पति का कथित संरक्षण मिलने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

भोपाल स्तर पर पहुंची शिकायत

मामले की शिकायत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल तक पहुंचने के बाद अब जांच की उम्मीद बढ़ गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, विभाग के आयुक्त की ओर से आगामी 15 से 20 दिनों के भीतर जांच टीम भेजकर पार्क का निरीक्षण कराने का आश्वासन दिया गया है।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

अब पूरे मामले में प्रस्तावित जांच पर निगाहें टिकी हैं। यदि जांच में निर्माण की गुणवत्ता में कमी, वित्तीय अनियमितता या तकनीकी खामियां सामने आती हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, यह जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।फिलहाल पार्क निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

राजू सूरसिंह राठौड़ की रिपोर्ट

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