भोपाल। रविंद्र भवन में आयोजित मातृशक्ति एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 231वीं पुण्यस्मृति एवं जन्मजयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने देवी अहिल्याबाई होलकर को सनातन की सच्ची सेविका और सुशासन की अनूठी प्रतीक बताया।
देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन जनसेवा : CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन और उनका सुशासन पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने जनकल्याण को प्राथमिकता दी और एक कुशल एवं संवेदनशील शासक के रूप में अपनी पहचान बनाई।सीएम ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने शासन में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि मजबूत इच्छाशक्ति, सेवा भाव और बेहतर प्रशासन के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार गठन के बाद देवी अहिल्याबाई होलकर की जयंती के अवसर पर इंदौर में विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को अपनाते हुए प्रदेश सरकार सभी समाजों को साथ लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मातृशक्ति और प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मातृशक्ति के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर के आदर्श आज भी समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके जीवन से सेवा, सुशासन, जनकल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवी अहिल्याबाई के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए जनकल्याण और विकास के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।