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नगीना साहनी से मारपीट पर संजय निषाद का हमला

गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम नगीना साहनी से कथित मारपीट के मामले पर संजय निषाद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अखिलेश यादव से कार्रवाई की मांग की।

By: BS Yadav 
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नगीना साहनी से मारपीट पर संजय निषाद का हमला

गोरखपुर प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ हुए विवाद और मारपीट के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संजय निषाद ने इस घटना को निषाद समाज के सम्मान से जोड़ते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कार्रवाई की मांग की है।

नगीना साहनी से मारपीट पर संजय निषाद स्तब्ध

कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ समाजवादी पार्टी के नेता अनुपम सिंह, कमलेश सिंह और उनके समर्थकों द्वारा थप्पड़ और मारपीट किए जाने की घटना से वह स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वह ही नहीं, बल्कि उनका पूरा समाज इस घटना से स्तब्ध है। संजय निषाद ने कहा कि राम नगीना साहनी ने लंबे समय से समाजवादी पार्टी का झंडा और डंडा उठाया है। जब गोरखपुर में समाजवादी पार्टी का झंडा उठाने के लिए लोग तैयार नहीं थे, उस समय से नगीना साहनी पार्टी के लिए काम करते रहे हैं।

कार्रवाई नहीं हुई तो सपा कार्यालय घेरने की चेतावनी

संजय निषाद ने कुर्सी को लेकर हुए विवाद में थप्पड़ और मारपीट को निंदनीय बताते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वह अखिलेश यादव को कार्रवाई के लिए समय दे रहे हैं। अगर कथित तौर पर मारपीट करने वाले नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया और पार्टी की ओर से घटना की भर्त्सना नहीं की गई, तो समाजवादी पार्टी के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। संजय निषाद ने निषाद समाज के नेताओं से भी इस मामले में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल राम नगीना साहनी का अपमान नहीं है, बल्कि निषाद समाज के सम्मान से जुड़ा मामला है। आपको बताते चलें कि संजय निषाद बीजेपी के कैबिनेट मंत्री हैं और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं,वहीं दूसरी तरफ नगीना साहनी समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष हैं, पर जब बात समाज की आई तो संजय निषाद दल से ऊपर उठकर नगीना साहनी के पक्ष में खड़े हो गए और उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से आरोपी के ऊपर कारवाई करने की बात कही।

यह नगीना साहनी नहीं, निषादराज के वंशजों का अपमान

संजय निषाद ने उन निषाद नेताओं पर भी निशाना साधा, जो दूसरी घटनाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को इस घटना से सीख लेने की जरूरत है। भाजपा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भाजपा नेता ने निषाद समाज के व्यक्ति को इस तरह थप्पड़ नहीं मारा है। संजय निषाद ने कहा कि सभी निषाद नेताओं को अपने सम्मान के लिए दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सामने आना चाहिए और समाजवादी पार्टी से इस घटना के खिलाफ कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम नगीना साहनी का अपमान, निषादराज के वंशजों का अपमान है। इसके बाद संजय निषाद ने अपने बयान में निषाद समाज के ऐतिहासिक योगदान का जिक्र करते हुए राम को नदी पार कराने से लेकर निषादराज की सेना और देश के संविधान से जुड़े कई दावे किए और कहा कि कुर्सी पर बैठने के अधिकार को लेकर किसी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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