उज्जैन स्थित इस्कॉन मंदिर में 29 जून को भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी की स्नान पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस बार यह धार्मिक आयोजन मध्यप्रदेश सरकार के जलगंगा संवर्द्धन अभियान के समापन समारोह के रूप में भी विशेष महत्व रखेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ जल संरक्षण का संदेश देना है।
महोत्सव के दौरान प्रदेश की विभिन्न पवित्र नदियों, सरोवरों और तीर्थस्थलों से लाए गए जल से भगवान श्री जगन्नाथ का महाअभिषेक किया जाएगा। यह आयोजन सनातन परंपरा और जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का प्रतीक बनेगा।
सुबह 7:30 बजे पांडु-विजय कीर्तन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद महाअभिषेक, हरिनाम संकीर्तन और महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। श्रद्धालुओं को स्वयं भगवान जगन्नाथ का अभिषेक करने का विशेष अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

महाअभिषेक के पश्चात भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी के दिव्य गजवेश दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं शाम को इस्कॉन के वरिष्ठ संत परम पूज्य भक्ति चारू स्वामी महाराज की 49वीं संन्यास वर्षगांठ भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी।
आयोजन में मध्यप्रदेश की विभिन्न रथ यात्राओं में उपयोग होने वाले 108 रथों का प्रदर्शन किया जाएगा। बच्चों के लिए तैयार किए गए विशेष छोटे रथ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इस्कॉन प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है।