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शाजापुर में कलेक्टर का स्कूल निरीक्षण: बच्चों की कमजोर पढ़ाई पर जताई नाराजगी, दो शिक्षकों का वेतन रोका

शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना ने सलसलाई क्षेत्र के दो शासकीय प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर बच्चों की कमजोर शैक्षणिक स्थिति पर नाराजगी जताई। सामान्य प्रश्नों के जवाब नहीं दे पाने पर उन्होंने शिक्षकों को फटकार लगाई, दो शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

By: Nivedita 
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शाजापुर में कलेक्टर का स्कूल निरीक्षण: बच्चों की कमजोर पढ़ाई पर जताई नाराजगी, दो शिक्षकों का वेतन रोका

शाजापुर। जिले की कलेक्टर ऋजु बाफना ने शुक्रवार को सलसलाई क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बाड़ीगांव और प्राथमिक विद्यालय सलसलाई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति का स्वयं आकलन किया। विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान और पढ़ाई के स्तर को कमजोर पाते हुए उन्होंने नाराजगी जताई तथा संबंधित शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

बच्चों से पूछे सामान्य सवाल, कई नहीं दे सके जवाब

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बच्चों के बीच फर्श पर बैठीं और कक्षा चौथी एवं पांचवीं के विद्यार्थियों से हिंदी पढ़वाई, जोड़-घटाव करवाया तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे। कई छात्र आज की तारीख, वर्तमान महीना, सर्दी किस महीने में पड़ती है और स्कूल किस तारीख को खुले जैसे सामान्य सवालों का सही उत्तर नहीं दे सके। इसे लेकर उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की।

प्रधान अध्यापक से मांगा जवाब

कलेक्टर ने प्रधान अध्यापक घासीराम सिसोदिया से पूछा कि बच्चों का शैक्षणिक स्तर इतना कमजोर क्यों है और विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम होने का कारण क्या है। उन्होंने कहा कि यदि चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी अभी तक हिंदी सही तरीके से नहीं पढ़ पा रहे हैं, तो यह गंभीर स्थिति है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रधान अध्यापक को वेशभूषा व्यवस्थित रखने की भी सलाह दी।

एक माह में सुधार के दावे पर जताई आपत्ति

जब शिक्षकों ने एक महीने में स्थिति सुधारने की बात कही तो कलेक्टर ने कहा कि यदि पूरे शैक्षणिक वर्ष में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो केवल एक महीने में बड़ा बदलाव संभव नहीं होगा। उन्होंने शिक्षकों को नियमित और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

 

दो शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोका

सलसलाई के बालक एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय में कम उपस्थिति और शैक्षणिक कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने कन्या प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पवित्र मालवीय और शिक्षक रामबाबू तिवारी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, मेडिकल अवकाश पर अनुपस्थित शिक्षिका शारदा रैकवार के मेडिकल प्रमाण-पत्र की जांच कराने और संबंधित जन शिक्षक को नोटिस जारी करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।

अन्य शासकीय कार्यालयों का भी किया निरीक्षण

स्कूलों के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने गुलाना ग्राम पंचायत के नवीन भवन, अनुविभागीय कार्यालय और तहसील कार्यालय का भी निरीक्षण किया। तहसील परिसर में पौधों का अवलोकन करने के साथ उन्होंने पौधारोपण भी किया। इस दौरान एसडीएम नेहा गंगारे, तहसीलदार रितेश जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सरपंच तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी को लेकर उठ रहे सवाल

स्कूलों में बच्चों के कमजोर शैक्षणिक स्तर सामने आने के बाद जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यकाल को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस विषय पर अंतिम निष्कर्ष जांच और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

रिपोर्ट – दिलीप सौराष्ट्रीय

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