श्योपुर। जिले में शुक्रवार को मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के बैनर तले किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया गया। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष जसवंत सिंह मीणा के नेतृत्व में कार्यकर्ता हजारेश्वर पार्क से एकत्र होकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि जिले के किसान खाद, बिजली, सिंचाई और राजस्व से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिससे खरीफ फसल पर संकट गहराने की आशंका है। संगठन ने मांग की कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और मौजूदा ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त कर आधार कार्ड आधारित वितरण प्रणाली लागू की जाए।
किसान कांग्रेस ने नियमित एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही हाल ही में आए तूफान से क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों और खंभों की तत्काल मरम्मत कराने तथा उन क्षेत्रों में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई, जहां बिल वसूली तो की जा रही है लेकिन अभी तक लाइन नहीं पहुंची है।
संगठन ने खरीफ फसल की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए 15 जुलाई से चंबल नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की। इसके अलावा किसानों के नामांतरण पर लगी रोक हटाने और खेत सड़क योजना को पुनः शुरू कर लंबित सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन में वर्ष 2022-23 में कराहल सेवा सहकारी समिति से खाद लेने वाले किसानों के खातों में दर्ज बकाया राशि की त्रुटियों का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान के बावजूद कई खातों में अब भी बकाया दिखाया जा रहा है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं, ऋण और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
किसान कांग्रेस ने सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान और किसानों को राहत देने के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।