भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नर्मदा संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’
नर्मदा नदी को निर्मल और अविरल बनाने के उद्देश्य से सरकार ने ‘नमन मिशन’ शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में ₹100 करोड़ का राज्य अनुदान दिया जाएगा।मिशन के तहत नर्मदा जल की स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और नदी घाटों की व्यापक सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण के साथ उसके जल की गुणवत्ता में सुधार करना है।
विज्ञान और तकनीक के लिए ₹492 करोड़
कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹492 करोड़ की राशि मंजूर की है। सरकार का फोकस विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में गतिविधियों को बढ़ावा देने और राज्य में इससे जुड़े विकास को गति देने पर रहेगा।
MP रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में 35 नए पद
रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े फैसले के तहत मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में 35 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इससे सड़क एवं इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों के लिए संस्थागत क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे 4 हॉस्टल
कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में चार नए वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है।
9 हजार एकड़ जमीन पर औद्योगिक निवेश की तैयारी
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने करीब 9 हजार एकड़ भूमि पर 8 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए 11 स्थानों का चयन किया है। इन प्रस्तावों को केंद्र सरकार को भेजा गया है।मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक, दिल्ली में हुई पहली बैठक में इन निवेश प्रस्तावों की सराहना भी की गई।
पर्यावरण, तकनीक और निवेश पर फोकस
मध्य प्रदेश कैबिनेट के इन फैसलों में नर्मदा संरक्षण के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रोजगार, महिला सुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से पर्यावरण संरक्षण के साथ प्रदेश में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।