भोपाल: मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और किसानों की बढ़ती लागत को लेकर कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि लागत में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद फसलों के समर्थन मूल्य में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं की जा रही है। कुणाल चौधरी ने गेहूं के MSP में हुई बढ़ोतरी को भी किसानों की लागत के मुकाबले अपर्याप्त बताया।
बढ़ती कृषि लागत का उठाया मुद्दा
कांग्रेस महासचिव कुणाल चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल, खाद, यूरिया, बीज, बिजली और कृषि दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ी है।उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादन में पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है, ऐसे में फसलों के MSP में भी लागत के अनुरूप बढ़ोतरी होनी चाहिए।
गेहूं MSP में ₹25 की बढ़ोतरी पर सवाल
कुणाल चौधरी ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में कथित तौर पर ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल किए। उनका कहना है कि जब डीजल, खाद, यूरिया, बिजली और कृषि दवाइयों की कीमतें बढ़ रही हैं, तो किसानों को उनकी बढ़ी हुई लागत के अनुरूप MSP का लाभ मिलना चाहिए।उन्होंने सरकार पर किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया।
₹2700 प्रति क्विंटल खरीद के वादे का जिक्र
कांग्रेस नेता ने गेहूं की ₹2700 प्रति क्विंटल की दर से खरीद और बोनस से जुड़े वादे का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कई साल बीतने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ है।कुणाल चौधरी ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए और MSP तय करते समय वास्तविक कृषि लागत को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सरकार से पर्याप्त MSP बढ़ाने की मांग
कांग्रेस नेता ने सरकार से किसानों की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य में पर्याप्त बढ़ोतरी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए गेहूं खरीद से जुड़े वादों को भी पूरा किया जाना चाहिए।उन्होंने दोहराया कि डीजल, खाद, बिजली और कृषि दवाइयों सहित खेती से जुड़े खर्च बढ़ने के बीच MSP को भी लागत के अनुरूप बढ़ाया जाना जरूरी है।