भोपाल। राजधानी में नगर निगम द्वारा लगाए गए कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने शुल्क और नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। व्यापारियों का कहना है कि शुल्क को लेकर कई दुकानदारों और व्यापारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे कारोबारियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शहर के कई पुराने और रिहायशी इलाकों में वर्षों से दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में कारोबार कर रहे लोगों को निगम की ओर से नोटिस दिए जाने पर व्यापारियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से संचालित व्यापारिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई करने से पहले स्पष्ट नीति और उचित वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने नगर निगम से कमर्शियल लाइसेंस शुल्क तत्काल वापस लेने की मांग रखी। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क से पहले से कारोबार संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे दुकानदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
व्यापारियों ने पुराने और मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्रों के लिए मिक्स्ड लैंड यूज नीति लागू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इससे उन इलाकों में वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों को राहत मिल सकती है और व्यापारिक गतिविधियों को स्पष्ट नियमों के तहत संचालित किया जा सकेगा।
कमर्शियल लाइसेंस शुल्क और नोटिस के मुद्दे को लेकर व्यापारियों तथा नगर निगम प्रशासन के बीच मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। व्यापारियों ने अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस विरोध के बाद शुल्क और नोटिस से जुड़े मामलों पर क्या कदम उठाता है।