भोपाल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के दौरान जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी नहीं होने को लेकर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल करते हुए इस मामले में स्पष्टीकरण और कार्रवाई की मांग की है।
पटवारी के अनुसार, राहुल गांधी बालाघाट में बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों की स्थिति जानने और स्थानीय लोगों से संवाद करने पहुंचे थे। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बालाघाट में बैगा समुदाय के बच्चों की मौत और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। पटवारी ने कहा कि ऐसे दौरे के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि राहुल गांधी बालाघाट कलेक्टर और एसपी से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन दोनों अधिकारी दौरे के दौरान मौजूद नहीं रहे। पटवारी ने इसे प्रशासनिक स्तर पर गंभीर विषय बताते हुए संबंधित अधिकारियों की गैरमौजूदगी का कारण स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार और प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी। उन्होंने बालाघाट कलेक्टर और एसपी की भूमिका को लेकर शिकायत किए जाने तथा मामले को केंद्र सरकार के संबंधित स्तर तक ले जाने की बात कही। उनका कहना है कि यदि अधिकारियों की ओर से निर्धारित प्रोटोकॉल या दायित्वों के पालन में कमी पाई जाती है तो उसके अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
पटवारी ने मध्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मंत्रियों ने भी अधिकारियों द्वारा फोन नहीं उठाने की शिकायत की है। ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन पर संबंधित सरकार या अधिकारियों का पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक स्तर पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी आगामी चुनाव में 200 सीटों के लक्ष्य के साथ तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में अभी समय है और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर ध्यान दे रही है। यह चुनावी दावा पटवारी का राजनीतिक आकलन है, स्वतंत्र पूर्वानुमान नहीं।