बालाघाट: लामता रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों का असंतोष अब आंदोलन की राह पर पहुंच गया है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने 6 सितंबर को रेल रोको आंदोलन, चक्काजाम और सम्पूर्ण लामता बंद का निर्णय लिया है। आंदोलन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
लामता क्षेत्र के लोग लंबे समय से मूकमाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस का लामता रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मांग के बावजूद रेलवे की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार लामता स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से विद्यार्थियों, व्यापारियों, मजदूरों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों को कई बार वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे यात्रा का खर्च भी बढ़ जाता है।
रेलवे स्टॉपेज की मांग को लेकर क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 6 सितंबर को रेल रोको आंदोलन के साथ चक्काजाम और लामता बंद का आह्वान किया गया है।
आंदोलन से जुड़े लोगों ने व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों से इसमें सहयोग करने की अपील की है। आयोजकों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होकर लामता रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को मजबूती से उठाने का आग्रह किया है।
अब क्षेत्रवासियों की नजर रेलवे विभाग की प्रतिक्रिया पर है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आंदोलन से पहले रेलवे उनकी मांग पर सकारात्मक कदम उठाएगा। वहीं, मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 6 सितंबर को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।