बुरहानपुर। बारिश के मौसम में बुरहानपुर जिले के घाघर कुंड की खूबसूरती देखते ही बन रही है। घाघरला गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में स्थित इस प्राकृतिक स्थल पर इन दिनों करीब 15 फीट ऊंचा झरना पूरे वेग से बह रहा है। झरने के आसपास फैली हरियाली और चट्टानों के बीच बना प्राकृतिक कुंड लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।
नाग पंचमी के अवसर पर घाघर कुंड में आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने झरने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया। झरने से गिरते पानी, घने जंगल और हरी-भरी पहाड़ियों ने पूरे क्षेत्र को बेहद मनमोहक बना दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक झरने के नीचे बना प्राकृतिक जलकुंड आकार में घड़े जैसा दिखाई देता है। इसी वजह से इसे घाघर कुंड कहा जाता है। बताया जाता है कि कुंड करीब 10 फीट गहरा है और बारिश के दौरान झरने का पानी सीधे इसमें गिरता है।
घाघर कुंड लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा है। बारिश के दिनों में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, पहुंच मार्ग, सुरक्षा, बैठने और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह क्षेत्र बुरहानपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि घाघर कुंड को व्यवस्थित तरीके से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हालांकि विकास के साथ क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
फिलहाल लगातार बारिश के कारण घाघर कुंड का झरना आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। चट्टानों से गिरता सफेद पानी और चारों ओर फैली हरियाली यहां आने वाले लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य का अनोखा अनुभव दे रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र के संरक्षण के साथ आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की है।
रिपोर्ट – राजू सिंह राठौड़