सासाराम। मानसून की बारिश के बीच रोहतास जिले के तिलौथू स्थित तुतला भवानी वॉटरफॉल इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कैमूर पहाड़ी से नीचे गिरता झरने का पानी बारिश के मौसम में बेहद खूबसूरत दृश्य पेश कर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए आसपास के जिलों के साथ दूर-दराज से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं।
तुतला भवानी देवी मंदिर के समीप पहाड़ी से गिरने वाला यह झरना मानसून के दौरान अपने पूरे वेग में दिखाई देता है। करीब 200 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। बारिश की बूंदों और झरने की फुहार के बीच पहाड़ों का नजारा पर्यटकों को खासा पसंद आ रहा है। कई लोग इस खूबसूरत दृश्य को कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं।
तुतला भवानी वॉटरफॉल के पास स्थित देवी मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले कई पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी कर रहे हैं। मानसून में धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक पर्यटन का यह संगम लोगों को आकर्षित कर रहा है।
वॉटरफॉल देखने पहुंचने वाले पर्यटक यहां मौजूद झूला पुल का भी आनंद ले रहे हैं। पहाड़ी और हरियाली के बीच बने इस पुल से आसपास का प्राकृतिक दृश्य और भी मनमोहक नजर आता है। वन विभाग की देखरेख में पर्यटकों की आवाजाही होती है। बारिश के दौरान फिसलन और पानी के तेज बहाव को देखते हुए लोगों से सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की जाती है।
तुतला भवानी वॉटरफॉल जिला मुख्यालय सासाराम से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कम दूरी और मानसून में प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यह स्थान स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के लिए भी पसंदीदा बनता जा रहा है।
मानसून के दौरान पहाड़ों से गिरता पानी, हरियाली, बारिश की फुहार और झरने की आवाज तुतला भवानी को बेहद आकर्षक बना देती है। यही वजह है कि इन दिनों यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि, बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र में जाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन और वन विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए ही पर्यटकों को वॉटरफॉल क्षेत्र का आनंद लेने की सलाह दी जाती है।