जावरा शहर के हम्मालपुरा स्थित सेंट हसन मेमोरियल स्कूल में कक्षा 10वीं की एक नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर जावरा शहर पुलिस ने स्कूल से जुड़े शिक्षक अबरार के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 11 एवं 12 के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार घटना 17 अगस्त 2026 की सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। शिकायत के मुताबिक छात्रा परीक्षा से जुड़ी जानकारी लेने स्कूल गई थी। इसी दौरान उसे स्कूल की दूसरी मंजिल पर स्थित कार्यालय में बुलाया गया। छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में शिक्षक पर अनुचित बातचीत और कथित छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। हालांकि, आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना के बाद छात्रा ने कथित तौर पर अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के सामने शिकायत रखी। इस दौरान स्कूल परिसर में कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति बनी। बाद में परिजन छात्रा को लेकर जावरा शहर थाने पहुंचे, जहां पुलिस को मामले की शिकायत दी गई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कुछ छात्र नेता भी छात्रा के परिजनों के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 75(2) और POCSO Act की धारा 11 एवं 12 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस को शिकायत 18 अगस्त 2026 को प्राप्त हुई थी, जबकि कथित घटना 17 अगस्त की बताई गई है।
जावरा शहर थाना प्रभारी दीपक मंडलोई के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर आरोपी अबरार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
स्कूल परिसर में नाबालिग छात्रा से कथित घटना सामने आने के बाद संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल परिसर में छात्रा किन परिस्थितियों में कार्यालय तक पहुंची और वहां क्या हुआ, इन सभी पहलुओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।