श्योपुर के वीरपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 300 ट्रॉली रेत नष्ट की। संयुक्त टीम ने करीब 8 लाख रुपये मूल्य की रेत का विनष्टीकरण किया।
श्योपुर के वीरपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 300 ट्रॉली रेत नष्ट की। संयुक्त टीम ने करीब 8 लाख रुपये मूल्य की रेत का विनष्टीकरण किया।
श्योपुर जिले के वीरपुर में आयोजित जिला स्तरीय रात्रि चौपाल में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। चौपाल में बिजली, पानी, सड़क, पेंशन, राशन और साफ-सफाई जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से उठीं। अधिकारियों ने शेष शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को सात दिनों के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu का श्योपुर जिले के Kuno National Park में दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है, जिसके तहत वे 21 जून को पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगी और 22 जून को रवाना होंगी। दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने कलेक्टर शीला दाहिमा की अध्यक्षता में तैयारियां तेज कर दी हैं और सुरक्षा, आवागमन व अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। कूनो नेशनल पार्क, जो चीता
श्योपुर में तेज आंधी-बारिश के दौरान बस स्टैंड पर पेड़ गिरने से हुए हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायलों के उपचार की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया। घायलों का इलाज अस्पताल
श्योपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवपुरी रोड स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भाजपा कार्यालय के सामने सद्बुद्धि हवन यज्ञ भी किया। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसी बीच एसडीओपी राजीव कुमार गुप्ता और कांग्रेस नेताओं के बीच
श्योपुर में जनसुनवाई के दौरान फरियादी की मौत के बाद मामला गरमा गया है। घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों पर समय पर कार्रवाई न होने से विवाद बढ़ा है। साथ ही लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी जीतू पटवारी
श्योपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में जनसुनवाई के दौरान एक वृद्ध की तबीयत बिगड़ने के बाद बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि मौके पर मौजूद तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने तत्काल एंबुलेंस बुलाने के बजाय स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं और बाजार बंद कर
श्योपुर के वीरपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.32 लाख रुपये की अवैध शराब से भरी काले रंग की थार गाड़ी जब्त की और एक तस्कर को चंबल नदी से गिरफ्तार किया। पुलिस की घेराबंदी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश में नदी में कूद गया था, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
Sheopur के कराहल क्षेत्र में द्रोपदी गुर्जर हत्याकांड के खुलासे में देरी को लेकर गुर्जर समाज ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया। समाजजनों ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक से बातचीत की भी मांग रखी।
श्योपुर के सलमानिया साइलो केंद्र पर गेहूं खरीदी बाधित होने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। करीब 1500 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गेहूं लेकर लंबी कतारों में खड़ी रहीं। किसानों ने प्रशासन पर अव्यवस्था और लापरवाही के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। विरोध के बाद दोपहर में फिर से गेहूं खरीदी शुरू कराई गई।
श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता KGP12 के चार शावकों की मौत हो गई है, जिससे वन विभाग में चिंता बढ़ गई है। ये शावक 11 अप्रैल 2026 को जन्मे थे और 11 मई की शाम तक स्वस्थ थे, लेकिन अगले दिन सुबह उनकी मौत की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शव आंशिक रूप से खाए गए मिले हैं, जिससे किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत दो मादा चीतों को बाड़े से निकालकर खुले जंगल में छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे चीता पुनर्स्थापना और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस पहल के साथ देश में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है। बोत्सवाना सहित अन्य देशों से लाए गए चीतों को धीरे-धीरे प्राकृतिक वातावरण में अनुकूलित किया जा रहा