श्योपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक वृद्ध की अचानक तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार वह दर्द से तड़पते रहे, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं बुलाए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई।
मामले में आरोप है कि तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने एंबुलेंस बुलाने के बजाय मोबाइल से फोटो खींची और स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों ने बाद में एंबुलेंस की मदद से वृद्ध देवेंद्र गोयल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
घटना के विरोध में अग्रवाल समाज के लोगों ने बाजार बंद कर दिया और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोग दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोग उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।