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पन्ना में बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर दिए सख्त निर्देश

पन्ना में मानसून को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर ऊषा परमार ने संवेदनशील क्षेत्रों में सूचना तंत्र मजबूत करने, राहत शिविर तैयार रखने, सड़कों की मरम्मत कराने और सिल्वर फॉल व बृहस्पति कुंड जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

By: Nivedita 
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पन्ना में बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर दिए सख्त निर्देश

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मानसून के आगमन के साथ संभावित बाढ़ और वर्षाजनित आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर ऊषा परमार ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संवेदनशील क्षेत्रों में मजबूत होगा सूचना तंत्र

बैठक में कलेक्टर ने डूब प्रभावित क्षेत्रों और संवेदनशील गांवों में सूचना तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सूचना उपलब्ध हो, ताकि राहत एवं बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें।

राहत शिविर और आवश्यक संसाधनों की तैयारी के निर्देश

प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था करने और आवश्यक खाद्य सामग्री सहित अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह है कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

 

 

सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत पर जोर

लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की समय रहते मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि आपदा के दौरान आवागमन सुचारु रहना राहत और बचाव कार्यों के लिए बेहद जरूरी है।

पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

हाल के हादसों और बृहस्पति कुंड में छात्र की मौत जैसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों, विशेष रूप से सिल्वर फॉल और बृहस्पति कुंड, पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सतर्क निगरानी रखने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर ऊषा परमार ने स्पष्ट किया कि बाढ़ आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

 

रिपोर्ट – राजेश रावत 

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