मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। उम्मीदवार की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति भी देखने को मिली।
पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पहले नामांकन पत्र खरीदा था और उनके नामांकन दाखिल करने की चर्चाएं भी चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय नेतृत्व ने आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान कर दिया। इसके बाद भाजपा कार्यालय के बाहर कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान सड़क जाम, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, पत्थरबाजी, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने, लाठीचार्ज और कुछ लोगों की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं भी सामने आईं।
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और पार्टी संगठन से जुड़ाव रहा है। उन्होंने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। पार्टी ने इस बार संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता देते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। वे कई बार विधायक चुने जा चुके हैं और राज्य सरकार में गृह, जनसंपर्क सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। प्रदेश की राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका लंबे समय से रही है।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है। बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में तीन वर्ष की सजा मिलने के कारण उनकी सदस्यता समाप्त हुई। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। दूसरी ओर कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि नामांकन की अंतिम तिथि से पहले पार्टी अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर सकती है। ऐसे में दतिया का चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।