दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने समीक्षा शुरू कर दी है। भाजपा नेता आशुतोष तिवारी ने भितरघात और रिकॉर्डिंग से जुड़ी चर्चाओं को खारिज करते हुए हार के कारणों पर मंथन और जांच समिति की जानकारी दी।
दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने समीक्षा शुरू कर दी है। भाजपा नेता आशुतोष तिवारी ने भितरघात और रिकॉर्डिंग से जुड़ी चर्चाओं को खारिज करते हुए हार के कारणों पर मंथन और जांच समिति की जानकारी दी।
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया पर उनके और भाजपा नेता आशुतोष तिवारी के संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं का खंडन करते हुए कहा कि दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और पार्टी हित में काम करने की अपील की।
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव लड़ने का दावा किया है। पार्टी ने संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि नामांकन के बाद चुनाव प्रचार और तेज किया जाएगा।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। समर्थकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस से झड़प और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर अंदरूनी कलह का आरोप लगाया।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सड़क जाम, पुलिस से झड़प, पत्थरबाजी, आंसू गैस, लाठीचार्ज और गिरफ्तारियां भी हुईं। दतिया सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी, जबकि कांग्रेस ने अभी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।