बड़वानी। जिले के सेगांव क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिजली बिल को लेकर किसान व ग्रामीण उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। अधिक राशि के बिल मिलने का आरोप लगाते हुए कई किसान बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और बिलों की जांच व संशोधन की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बिल संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए उन्हें खेती-किसानी का काम छोड़कर विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने के बाद कुछ उपभोक्ताओं को उनकी अपेक्षा से काफी अधिक बिजली बिल प्राप्त हुए हैं। किसानों का दावा है कि पहले कम यूनिट की खपत पर अपेक्षाकृत कम बिल आता था, लेकिन अब कई मामलों में हजारों यूनिट की खपत दर्शाकर बड़ी राशि के बिल जारी किए गए हैं। इसी को लेकर ग्रामीणों ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ यंत्री को ज्ञापन सौंपकर बिलों की दोबारा जांच कराने की मांग की।
किसानों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान उन्होंने बिलों में कथित गड़बड़ी को लेकर विरोध जताया और विभाग से वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर बिल जारी करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बिल मिलने के कुछ ही दिनों बाद भुगतान की अंतिम तारीख आ जाती है। समय पर भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त शुल्क लगने की चिंता भी बनी रहती है।
किसान अखिलेश काग ने दावा किया कि उनके घर पर सोलर सिस्टम लगा होने के बावजूद जुलाई में 752 यूनिट की खपत दर्शाते हुए करीब 10 हजार रुपये का बिल आया। उनका कहना है कि पिछले बिल की राशि समायोजित करने के बाद भी वर्तमान बिल काफी अधिक है। उन्होंने कनेक्शन क्षमता को लेकर भी आपत्ति जताई। वहीं किसान श्याम काग ने करीब 25 हजार रुपये का बिजली बिल आने की बात कही। उनका कहना है कि बार-बार विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसानों के मुताबिक, बिल सुधार के लिए समय देने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर बिजली बिलों की जांच कर आवश्यक सुधार नहीं किया गया तो वे विभागीय परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांग वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर सही बिल जारी करने की है।
मामले में सहायक यंत्री आनंद मोहन ने बताया कि सेगांव के ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं। विभागीय टीम मौके पर जाकर संबंधित स्मार्ट मीटरों की रीडिंग की जांच करेगी। जांच के आधार पर आवश्यक होने पर बिजली बिलों में संशोधन किया जाएगा। अब ग्रामीणों को विभागीय जांच और बिल सुधार की कार्रवाई का इंतजार है। वहीं, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।