बड़वानी कृषि उपज मंडी में कपास खरीदी के दौरान पल्ली कटौती और नीलामी में देरी को लेकर किसान-व्यापारियों में विवाद हुआ। मंडी प्रशासन की समझाइश के बाद वास्तविक वजन के अनुसार कटौती पर सहमति बनी और खरीदी दोबारा शुरू हुई।
बड़वानी कृषि उपज मंडी में कपास खरीदी के दौरान पल्ली कटौती और नीलामी में देरी को लेकर किसान-व्यापारियों में विवाद हुआ। मंडी प्रशासन की समझाइश के बाद वास्तविक वजन के अनुसार कटौती पर सहमति बनी और खरीदी दोबारा शुरू हुई।
शाजापुर कलेक्टर कार्यालय के बाहर फसल बीमा राशि सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद किसान प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और मांगें पूरी नहीं होने पर नेशनल हाईवे-52 जाम करने की चेतावनी दी।
बड़वानी में NH-347 देशगांव-जुलवानिया फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने सर्वे की कथित त्रुटियां दूर करने, छूटी संपत्तियों का दोबारा आकलन कराने और वर्तमान नियमों के अनुसार 4 गुना मुआवजा देने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
बड़वानी के सेगांव में स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं ने अधिक बिजली बिल आने की शिकायत की है। ग्रामीण बिल लेकर बिजली विभाग पहुंचे और संशोधन की मांग की। किसानों का कहना है कि बिल सुधार के लिए उन्हें खेती का काम छोड़कर विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विभाग ने मीटरों की जांच कर आवश्यकतानुसार बिल संशोधित करने का भरोसा दिया है।
श्योपुर के विजयपुर में खाद की कमी से नाराज किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने धरना देकर एक घंटे तक चक्का जाम किया। प्रशासन द्वारा जल्द खाद उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, जबकि किसानों ने समय पर व्यवस्था नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
पन्ना जिले के गुनौर में कांग्रेस के नेतृत्व में करीब 300 ट्रैक्टरों के साथ विशाल किसान रैली निकाली गई। किसानों ने डीएपी खाद, एमएसपी पर खरीदी, सिंचाई और कृषि सुविधाओं सहित विभिन्न मांगों को उठाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपने और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के आंदोलन पर कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की और शिक्षा सुधार व बाघ संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी दी।
भोपाल में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद व्यवस्था में सुधार समेत कई मांगों को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने नर्मदापुरम रोड पर चक्का जाम किया, जिसके बाद प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया। कांग्रेस ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है।
शिवपुरी के करैरा तहसील स्थित ग्राम पारागढ़ में पत्थर क्रेशर के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। धूल, ब्लास्टिंग और प्रदूषण से खेती व स्वास्थ्य पर असर का आरोप लगाते हुए क्रेशर बंद कराने और लीज निरस्त करने की मांग की।
मूंग की तुलाई और अन्य मांगों को लेकर किसान स्वराज संगठन का नर्मदापुरम से भोपाल कूच तेज हो गया। बुधनी में किसानों ने बैरिकेड हटाए, पुलिस से झड़प हुई और भारी सुरक्षा के बीच पैदल मार्च जारी रहा।
मैहर में किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर किसान कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान Vyapam Scam, Paper Leak, DAP Fertilizer, E-Token System, Moong Procurement, Power Supply, Road Condition और Cleanliness जैसे अहम मुद्दे उठाए गए।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में 17 दिनों से धरना दे रहे किसानों को छतरपुर के बराना नदी स्थित प्रदर्शन स्थल से पुलिस ने हटाते हुए किसान नेता अमित भटनागर को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इसके बाद 100 से अधिक लोग इलाज के लिए पन्ना जिला अस्पताल पहुंचे, जहां प्रशासन और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
बुरहानपुर जिले में पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों ने मुआवजे और बिजली समस्या को लेकर ‘अंधेरा भगाओ आंदोलन’ किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि 60 दिनों में समाधान नहीं होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
सीहोर जिले के रेहटी में आज किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। कृषि उपज मंडी से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन में सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ किसानों के शामिल होने की संभावना है, जिससे नगर में यातायात प्रभावित हो सकता है।
छतरपुर के बिजावर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों, दलितों और आदिवासियों से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुलाकात की। उन्होंने उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी।